चंडीगढ़ में चलती इलेक्ट्रिक बस के दोनों टायर निकले, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
चंडीगढ़ में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही इलेक्ट्रिक बसों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार सुबह सेक्टर-46 और सेक्टर-47 के बीच एक चलती इलेक्ट्रिक बस के दोनों टायर अचानक निकल गए। उस समय बस में करीब 15 यात्री सवार थे, जो रामदरबार से मलोया की ओर जा रहे थे। घटना के दौरान चालक ने सतर्कता और सूझबूझ का परिचय देते हुए बस पर तुरंत नियंत्रण कर उसे सड़क किनारे सुरक्षित रोक दिया। चालक की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सामान्य गति से चल रही थी कि अचानक तेज आवाज के साथ उसके दोनों टायर निकल गए। इसके बाद चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर वाहन को नियंत्रित किया। यदि बस तेज रफ्तार में होती या समय रहते उस पर नियंत्रण नहीं किया जाता, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। यह पहली बार नहीं है जब शहर की इलेक्ट्रिक बसों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई हों। इससे पहले भी चलती इलेक्ट्रिक बसों में तकनीकी खराबी, सड़क पर पलटने और अन्य यांत्रिक खामियों के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का विस्तार करने पर चर्चा की थी। अधिकारियों का कहना है कि नई बसें शामिल होने के बाद शहर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर प्रत्येक 15 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। हालांकि, शनिवार की इस घटना ने इलेक्ट्रिक बसों की तकनीकी गुणवत्ता, नियमित फिटनेस जांच और रखरखाव व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन तभी सफल माना जाएगा, जब उसमें सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित हो।
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