पंजाब राजनीति में गरमाहट: AAP ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत दो विधायकों को अयोग्य घोषित करने की याचिका दायर की

पंजाब राजनीति में गरमाहट: AAP ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत दो विधायकों को अयोग्य घोषित करने की याचिका दायर की

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने के बाद राज्य की राजनीति में प्रशासनिक व कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। 'आप' ने पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) कुलतार सिंह संधवा के समक्ष एक औपचारिक याचिका दायर कर दो दलबदलू विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द (अयोग्य घोषित) करने की मांग की है। कुंवर विजय प्रताप का इस्तीफा स्वीकार, पठानमाजरा ने भी दिया त्यागपत्र इस घटनाक्रम के बीच, पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा ने अमृतसर उत्तर से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। वहीं, सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया। दूसरी ओर, समाना से विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने अभी तक पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। संविधान के 10वें शेड्यूल के तहत कार्रवाई की मांग पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी की चीफ व्हिप बलजिंदर कौर ने सोमवार को स्पीकर के समक्ष याचिका दायर की। इस याचिका में भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की अपील की गई है। याचिका दायर होने के बाद अब इस मामले में अंतिम निर्णय का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष के पास है। दिल्ली में भाजपा का दामन थाम चुके हैं तीनों नेता उल्लेखनीय है कि समाना से 'आप' विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने बीते दिन पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सोमवार को इन तीनों पूर्व व वर्तमान विधायकों की तिकड़ी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया और पंजाब प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया।