कनाडा के क्यूबेक में धार्मिक पहनावे पर और सख्ती: प्राइमरी स्कूलों में पगड़ी और नकाब पर बैन लगाने की तैयारी

कनाडा के क्यूबेक में धार्मिक पहनावे पर और सख्ती: प्राइमरी स्कूलों में पगड़ी और नकाब पर बैन लगाने की तैयारी

कनाडा के प्रांत क्यूबेक में नई चुनी गई सरकार द्वारा प्राइमरी स्कूलों के छात्रों द्वारा पगड़ी (सिख दस्तार) और नकाब (हिजाब) सहित किसी भी प्रकार के धार्मिक पहनावे को पहनने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई जा रही है। सरकार के इस कदम की नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े संगठनों और मुस्लिम नागरिक समूहों द्वारा तीखी आलोचना की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह फैसला धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करेगा और अल्पसंख्यक बच्चों को समाज से अलग-थलग कर सकता है। शिक्षा मंत्री का बयान: "चुनावी वादे पर कोई समझौता नहीं" मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर में हुए प्रांतीय चुनावों में सत्ता में आई अलगाववादी पार्टी 'पार्टी क्यूबेकॉइस' (Parti Québécois) के एजेंडे में स्कूली बच्चों के धार्मिक पहनावे पर बैन लगाना प्रमुख वादा था। जब प्रांत के शिक्षा मंत्री जोएल आर्सेनो (Joël Arseneau) से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी अपने चुनावी वादे पर कायम रहेगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया, "इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। हमें यह कदम उठाने के लिए ही चुना गया था और हम इसे पूरा करने के लिए काम करेंगे।" पहले से लागू प्रतिबंधों का विस्तार यह नई योजना पिछली 'गठबंधन एवेनिर क्यूबेकॉयर' (CAQ) सरकार द्वारा इस वर्ष अप्रैल में लागू किए गए प्रतिबंधों का आगे विस्तार है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में CAQ सरकार के तहत लाए गए धर्मनिरपेक्षता कानून के तहत सरकारी कर्मचारियों के प्रत्यक्ष धार्मिक प्रतीकों (जैसे सिख दस्तार या मुस्लिम हिजाब) को प्रदर्शित करने पर रोक लगाई गई थी। बाद में इसका दायरा बढ़ाकर सरकारी विश्वविद्यालयों, सब्सिडी प्राप्त निजी संस्थानों, चाइल्ड केयर सेंटरों और सार्वजनिक स्थानों (सड़कों व पार्कों) में सामूहिक धार्मिक गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई थी। मानवाधिकार संगठनों और मुस्लिम काउंसिल ने जताया कड़ा विरोध कनाडाई सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन (CCLA) की क्यूबेक प्रवक्ता और मौलिक स्वतंत्रताओं की निदेशक एनाइस बुसिएरेस मैकनिकोल ने कहा कि क्यूबेक सरकार ने पहले कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों पर प्रतिबंध लगाने से शुरुआत की और अब मासूम बच्चों को निशाना बना रही है। यह हर प्राइमरी स्कूल के छात्र को समाज से अलग-थलग और अस्वीकार किए जाने का संदेश देता है। दूसरी ओर, 'नेशनल काउंसिल ऑफ क्यूबेक मुस्लिम्स' (CNQM) के सीईओ स्टीफन ब्राउन ने इस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कदम बच्चों और उनके आध्यात्मिकता के अधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा, "इससे बच्चों को यह संदेश मिलेगा कि वे समाज का हिस्सा नहीं हैं और उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।" इसके अलावा, स्कूल प्रशासकों ने भी चेतावनी दी है कि ऐसा प्रतिबंध स्कूलों और परिवारों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है।