बरनाला में पेयजल संकट पर सियासत तेज, विभिन्न दलों के नेताओं ने खोला नगर निगम के खिलाफ मोर्चा

बरनाला में पेयजल संकट पर सियासत तेज, विभिन्न दलों के नेताओं ने खोला नगर निगम के खिलाफ मोर्चा

बरनाला शहर के के.सी. रोड से जुड़े कई प्रमुख वार्डों में पिछले लगभग एक सप्ताह से जारी पेयजल संकट ने सोमवार को बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर नगर निगम (नगर परिषद) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों लोगों ने के.सी. रोड पर एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ सड़क जाम की और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया। हालात ऐसे हैं कि प्रभावित वार्डों के लोग पीने के पानी के लिए दूसरे वार्डों से बाल्टियों में पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि नगर निगम की ओर से वैकल्पिक जलापूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पार्षद ऊषा रानी ने किया। धरने में पूर्व चेयरमैन गुरदीप सिंह बाठ, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के जिला अध्यक्ष दर्शन सिंह मडेर, भाजपा नेता नरेंद्र गर्ग नीटा, भाजपा नेता रजिंदर उप्पल, संदीप सेठी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल हुए। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर, नगर निगम के मेयर हुसनप्रीत भारद्वाज तथा पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेयजल संकट का जल्द समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वार्ड नंबर 29, 39, 40 और 41 के निवासी पिछले एक सप्ताह से पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।