कनाडाई संसद सत्र से पहले सड़कों पर उतरे प्रवासी: टॉरंटो में हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों और श्रमिकों का फूटा गुस्सा

कनाडाई संसद सत्र से पहले सड़कों पर उतरे प्रवासी: टॉरंटो में हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों और श्रमिकों का फूटा गुस्सा

कनाडा की संसद का नया सत्र शुरू होने से ठीक पहले रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों प्रवासियों, अंतरराष्ट्रीय छात्रों, शरणार्थियों और गैर-दस्तावेजी (बिना वैध कागजात वाले) लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि कनाडा में वर्तमान में रह रहे सभी प्रवासियों को स्थायी निवास (PR) दिया जाए और लोगों को देश से निकालने (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए। टॉरंटो में आयोजित मुख्य मार्च दोपहर 2 बजे क्रिस्टी पिट्स पार्क से शुरू होकर डफरिन ग्रोव पार्क तक पहुंचा। टॉरंटो पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस मार्च में लगभग 600 लोगों ने हिस्सा लिया। 'माइग्रेंट वर्कर्स अलायंस फॉर चेंज' के झंडे तले कनाडा के 11 प्रमुख शहरों में इसी प्रकार के प्रदर्शन आयोजित किए गए। संगठन की नेता सरोम रोह ने बताया कि इस समय लगभग 17 लाख लोग अस्थाई वर्क या स्टडी परमिट पर कनाडा में रह रहे हैं। ये लोग कृषि, देखभाल (केयरगिविंग) और अन्य आवश्यक सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में जीने को मजबूर हैं। रैली में शामिल हुए बिक्रमजीत सिंह, जो 2019 में भारत से अंतरराष्ट्रीय छात्र के रूप में कनाडा आए थे, ने बताया कि इमिग्रेशन स्टेटस स्पष्ट न होने के कारण श्रमिकों के शोषण का खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान में क्लोज्ड वर्क परमिट पर कार्यरत बिक्रमजीत ने कहा कि उन्हें पीआर (PR) पाने का कोई स्पष्ट रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने बढ़ते मकान किराए, जीवन-यापन के बढ़ते खर्च और नौकरी की असुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी आवाज उठाई। युगांडा की एक गैर-दस्तावेजी महिला 'जेन' (बदला हुआ नाम) ने कहा कि वह पिछले छह वर्षों से बिना कागजात के रह रही है और केवल समान अधिकारों के साथ काम करने व अपने परिवार से मिलने का अधिकार चाहती है। यह आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब कनाडा की संघीय सरकार अस्थाई निवासियों की संख्या सीमित करने और इमिग्रेशन को देश की हाउसिंग, सार्वजनिक सेवाओं व श्रम बाजार की क्षमता से जोड़ने की नीति पर काम कर रही है। सरकार के 2026-2028 इमिग्रेशन लेवल्स प्लान के तहत प्रतिवर्ष 3,80,000 नए स्थायी निवासियों को प्रवेश देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, 2026 और 2027 में लगभग 33,000 अस्थाई श्रमिकों को पीआर में बदलने की योजना है। हालांकि, सरकार की कड़ी नीतियों और प्रवासी अधिकार संगठनों की सभी को पक्का करने की मांग के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है।