कैनेडा में रहने वाले भारतीय पेंशनभोगियों के लिए राहत: लाइफ सर्टिफिकेट के लिए विभिन्न शहरों में लगेंगे विशेष शिविर
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- (Asia/Kolkata)
कैनेडा में निवास कर रहे भारतीय पेंशनभोगियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय वाणिज्य दूतावासों (Consulates) द्वारा देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) बनाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से प्रवासी पेंशनर बिना किसी बाधा के अपनी पेंशन जारी रखने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा 25 अक्टूबर को सरे स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पहला शिविर आयोजित किया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी शिविर 7 नवंबर को एबॉट्सफोर्ड और कैलगरी में तथा 14 और 15 नवंबर को सस्केचवान में आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 14 नवंबर को सरे और 21 नवंबर को वैंकूवर में भी पेंशनभोगियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दूसरी ओर, टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा नवंबर महीने के सप्ताहांत (वीकेंड्स) के दौरान विनिपेग, ब्रैम्पटन, हैलिफ़ैक्स, किचनर, लंदन और विंडसर जैसे शहरों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। क्या है लाइफ सर्टिफिकेट और क्यों है आवश्यक? लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके जरिए पेंशनभोगी को हर साल अपने जीवित होने का सत्यापन देना होता है। अपनी पेंशन सेवा बिना रुके जारी रखने के लिए यह प्रमाण पत्र संबंधित विभाग या बैंक को भेजना अनिवार्य होता है। ऐसा न करने की स्थिति में पेंशन रुक सकती है। भारत में पेंशनभोगी जन सेवा केंद्रों या ऑनलाइन माध्यमों से यह प्रक्रिया आसानी से पूरी कर लेते हैं, लेकिन विदेशों में रहने वाले पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी कठिन हो जाती है। कैनेडा में भारतीय अधिकारियों द्वारा पेंशनभोगी की व्यक्तिगत पहचान और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बाद ही यह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। कुछ पेंशनर नोटरी से भी दस्तावेज सत्यापित करवाते हैं, लेकिन हर विभाग या संस्थान नोटरी सत्यापन को स्वीकार नहीं करता। इसलिए वाणिज्य दूतावास के कार्यालय या इन विशेष शिविरों के माध्यम से प्रमाण पत्र बनवाना सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है। वैंकूवर कॉन्सुलेट की वेबसाइट के अनुसार, इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। आवेदक को आवेदन पत्र के साथ अपना मूल पासपोर्ट ले जाना अनिवार्य होगा। प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद पेंशनभोगी इसे भारत में अपनी पेंशन जारी करने वाली संस्था तक पहुंचाते हैं। वर्तमान समय में इस प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी 'जीवन प्रमाण' वेबसाइट के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है।
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