संगरूर मामला: कांग्रेस ने शुरू किया ‘मैं भी गुलजार’ सोशल मीडिया अभियान, आप ने बताया ‘गिद्ध की राजनीति’

संगरूर मामला: कांग्रेस ने शुरू किया ‘मैं भी गुलजार’ सोशल मीडिया अभियान, आप ने बताया ‘गिद्ध की राजनीति’

संगरूर के एक दलित दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह की दुखद मौत के बाद पंजाब का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और उनके समर्थन के लिए कांग्रेस पार्टी ने 'मैं भी गुलजार' नाम से एक विशेष डिजिटल अभियान की शुरुआत की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय की लड़ाई में संबल प्रदान करना है। पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला ने इस अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि इसका मकसद राज्य सरकार पर उन सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बनाना है, जिनके नाम गुलजार सिंह की मौत से जुड़े हैं। सिंगला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा बिना धार्मिक रीति-रिवाजों के ही जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने पंजाब के आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'मैं भी गुलजार' की डीपी (Display Picture) लगाकर इस आंदोलन का हिस्सा बनें और पीड़ित परिवार की आवाज बुलंद करें। गौरतलब है कि गुलजार सिंह की मौत से पहले के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ा। इनमें से एक वीडियो में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम भी सामने आया है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। परिजनों का आरोप है कि गुलजार सिंह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गांव में नशीले पदार्थों (चिट्टा) की बिक्री को लेकर मंत्री से सवाल पूछे थे। परिजनों के अनुसार, इसके बाद स्थानीय आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं द्वारा उस पर माफी मांगने का कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल पर इस दुखद घटना पर राजनीति करने का पलटवार किया है। 'आप' पंजाब के प्रदेश महासचिव बलतेज पन्नू ने एक वीडियो संदेश जारी कर विपक्षी दलों के इस कदम को 'गिद्धों की राजनीति' (Vulture Politics) करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हर दुखद हादसे में से केवल अपना राजनीतिक लाभ तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि पहले वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है, जबकि दूसरे वीडियो की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।