कनाडा पुलिस का बड़ा खुलासा: पर्यटक बनकर पहुंचे सैकड़ों अपराधियों का भंडाफोड़

कनाडा पुलिस का बड़ा खुलासा: पर्यटक बनकर पहुंचे सैकड़ों अपराधियों का भंडाफोड़

कनाडा की डरहम रीजनल पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट जेटसेटर’ के तहत लंबी जांच के बाद ऐसे विदेशी नागरिकों का पर्दाफाश किया है, जो कथित तौर पर पर्यटक बनकर कनाडा पहुंचे और आपराधिक गतिविधियों के जरिए धन कमाने में शामिल पाए गए। पुलिस ने इस प्रवृत्ति को “क्रिमिनल टूरिज्म” का नाम देते हुए देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती बताया है। डरहम रीजनल पुलिस प्रमुख पीटर मोरेरा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से चोरी, लूट, वाहन चोरी तथा फोन के माध्यम से बुजुर्गों से धोखाधड़ी के मामलों की जांच के दौरान यह सामने आया कि इन अपराधों में बड़ी संख्या में ऐसे संगठित गिरोह शामिल थे, जो विदेशों से कनाडा आए थे। जांच में पाया गया कि इनमें से कई लोग कथित रूप से इसी उद्देश्य से पर्यटक बनकर देश में प्रवेश किए थे। पुलिस के अनुसार अब तक कुल 164 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें अधिकांश रोमानिया से हैं, जबकि कुछ भारत से संबंधित हैं। पहचाने गए लोगों में से 46 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा 64 अन्य संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं, ताकि आम नागरिक उनकी पहचान करने और उन्हें पकड़वाने में पुलिस की सहायता कर सकें। गिरफ्तार किए गए भारतीय मूल के लोगों में अरशदीप सिंह गुरम, अरशजोत सिंह ढिल्लों, जगदीप सिंह, गुपप्रीत कौर और सावन धर्मेश भाई शामिल हैं। वहीं अमरजीत सिंह गिल, अरमान शर्मा, हरसिमरन सिंह ढिल्लों, गुरिंदर सिंह और जगदीप सिंह की तलाश जारी है। पुलिस प्रमुख ने बताया कि आरोपी अक्सर कुछ दिनों के अंतराल पर अपने ठिकाने बदलते रहते थे, जिससे नए लोगों को निशाना बनाना उनके लिए आसान हो जाता था। जांच के दौरान सामने आया कि इन गिरोहों पर 200 से अधिक आपराधिक घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। इन मामलों में कथित तौर पर 26 लाख डॉलर की ठगी, चोरी और लूट की गई, जिसके चलते आरोपियों पर कुल 1,146 आपराधिक धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी मुख्य रूप से डरहम क्षेत्र में सक्रिय थे, लेकिन इस तरह की गतिविधियां देश के अन्य हिस्सों में भी संचालित किए जाने की आशंका है। ये लोग आमतौर पर फोन कॉल और ऑनलाइन माध्यमों से धोखाधड़ी को प्राथमिकता देते थे, हालांकि चोरी, लूट और झपटमारी जैसी वारदातों में भी शामिल रहे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई बार वाहन खरीदने के इच्छुक ग्राहक बनकर विक्रेताओं से संपर्क करते थे और टेस्ट ड्राइव के बहाने वाहन लेकर फरार हो जाते थे। इसके अलावा महिलाओं के गले और हाथों से सोने के आभूषण झपटने की घटनाओं में भी उनकी संलिप्तता पाई गई। पुलिस ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को इन गिरोहों के काम करने के तरीकों से अवगत करा दिया गया है। साथ ही पहचाने गए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई लगातार जारी है।