धर्मशाला और आसपास के इलाकों में भूकंप के कई झटके, कोई बड़ा नुकसान नहीं

धर्मशाला और आसपास के इलाकों में भूकंप के कई झटके, कोई बड़ा नुकसान नहीं

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र में भूकंप के कई झटके महसूस किए गए, जिनमें सबसे प्रमुख झटका रिक्टर पैमाने पर 5.0 तीव्रता का दर्ज किया गया। भूकंपों की इस श्रृंखला से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, किसी भी प्रकार के जनहानि या संपत्ति को बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार, 5 जून को आए इन भूकंपीय झटकों में सबसे तेज झटका रात 10:04 बजे महसूस किया गया। इसका केंद्र धर्मशाला से लगभग 40 किलोमीटर दूर कांगड़ा-चंबा सीमा के निकट धौलाधार पर्वत श्रृंखला में धार घड़ोई और आरएफ कुगती के बीच स्थित था। भूकंप की गहराई 22.5 किलोमीटर दर्ज की गई। इसके झटके कांगड़ा, चंबा और आसपास के अन्य जिलों में भी महसूस किए गए। तेज झटकों के कारण कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंपीय गतिविधि की शुरुआत दिन में ही हो गई थी। सुबह 8:52 बजे धर्मशाला से लगभग 16 किलोमीटर दूर धौलाधार श्रृंखला में मिंकियानी पास के निकट 2.3 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता कम होने के कारण अधिकांश लोगों ने इसे महसूस नहीं किया। मुख्य 5.0 तीव्रता वाले भूकंप के बाद रात में दो और झटके दर्ज किए गए। रात 11:03 बजे धर्मशाला से करीब 18 किलोमीटर दूर 2.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद रात 11:52 बजे शहर से लगभग 23 किलोमीटर दूर आरएफ हीलांग के पास 3.0 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, कांगड़ा जिला, जहां धर्मशाला स्थित है, भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील सीस्मिक जोन-5 में आता है। आमतौर पर 3 से 4 तीव्रता के भूकंपों को मामूली श्रेणी में रखा जाता है और ये कम ही संरचनात्मक क्षति पहुंचाते हैं, हालांकि इनके झटके लोगों द्वारा स्पष्ट रूप से महसूस किए जाते हैं।