श्री आनंदपुर साहिब मामला: SGPC अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने गठित की विशेष जांच कमेटी, 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट

श्री आनंदपुर साहिब मामला: SGPC अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने गठित की विशेष जांच कमेटी, 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट

श्री आनंदपुर साहिब से संबंधित संवेदनशील मामले की गंभीरता से जांच करने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी SGPC के सदस्यों पर आधारित होगी और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। SGPC अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि संगत द्वारा उठाए जा रहे हर सवाल का जवाब कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के साथ सार्वजनिक किया जाएगा। गठित की गई जांच कमेटी में SGPC के अंतरिम सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर, सदस्य गुरमीत सिंह बूह, भाई गुरबख्श सिंह खालसा और बीबी गुरिंदर कौर भोलूवाला को शामिल किया गया है। SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को इस कमेटी का समन्वयक (को-ऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया है। एडवोकेट धामी ने बताया कि हालांकि SGPC द्वारा पहले से ही विभागीय स्तर पर जांच जारी है, लेकिन यह विशेष कमेटी हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच करेगी। मामले में की गई प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी देते हुए एडवोकेट धामी ने बताया कि बहरीन से संबंधित एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार निलंबित अतिरिक्त हेड ग्रंथी भाई मलकीत सिंह को सेवाओं से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, भाई अमरजीत सिंह द्वारा वीडियो संदेश के माध्यम से SGPC सदस्य के रूप में दिया गया इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया है। एडवोकेट धामी ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संबंधित महिला कहां से आई और उसे कौन लाया, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वह महिला उनसे एक-दो बार मिली जरूर थी, लेकिन उसने किसी भी प्रकार की अनैतिक घटना या दुर्व्यवहार के संबंध में कोई बात नहीं की थी। उन्होंने कहा कि ऐसा संभव ही नहीं है कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला लाया जाए और उस पर कार्रवाई न हो। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति के बारे में राय बनाकर मनमाने फैसले सुनाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह संगत के प्रति पूरी तरह जवाबदेह हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी पारदर्शिता के साथ सभी जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने निष्पक्षता पर जोर देते हुए पुलिस से भी मामले की पारदर्शी जांच की मांग की ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।