करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग: जीरो लाइन की ओर बढ़ रहे जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और संगत को बीएसएफ ने रोका
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के नेतृत्व में करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग को लेकर अरदास करने के लिए जीरो लाइन की ओर बढ़ रहे सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने रोक दिया। यह कार्यक्रम पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के आह्वान पर भारत और पाकिस्तान दोनों ओर की सिख संगतों द्वारा आयोजित एक संयुक्त अरदास कार्यक्रम का हिस्सा था। उल्लेखनीय है कि श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति जोत दिवस को समर्पित पाकिस्तान की ओर से गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर साहिब से जीरो लाइन तक एक नगर कीर्तन निकाला गया था। इसी क्रम में भारतीय सीमा में भी डेरा बाबा नानक में एकत्र हुए सिख श्रद्धालु जत्थेदार गड़गज्ज की अगुवाई में जीरो लाइन की दिशा में आगे बढ़े। जीरो लाइन पर जाने को लेकर सुबह से ही हरिमंदिर साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह रूबी और गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक के मैनेजर रणजीत सिंह के माध्यम से BSF तथा पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत चल रही थी। जब सिख श्रद्धालुओं का जत्था जीरो लाइन के करीब पहुंचा, तो BSF अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस पर जत्थेदार गड़गज्ज ने कम से कम पांच सिखों के समूह को जीरो लाइन तक जाने देने का अनुरोध किया ताकि नगर कीर्तन में शामिल पाकिस्तानी सिख संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का 'रुमाला साहिब' और 'पंज प्यारों' के लिए 'सिरोपाओ' सौंपा जा सके। हालांकि, BSF प्रशासन द्वारा इसकी अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था BSF के बैरिकेड्स के सामने ही जमीन पर बैठ गया और 'रह्रास साहिब' का पाठ, 'शबद कीर्तन' और कॉरिडोर खोलने व दोनों देशों में शांति के लिए अरदास की। पत्रकारों से बातचीत में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि सिखों को जीरो लाइन पर जाकर अरदास करने से रोकना BSF के लिए उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की सरकारों को सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को समझना चाहिए और उनका सम्मान करते हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से बंद पड़े करतारपुर कॉरिडोर को तुरंत फिर से खोलना चाहिए। जत्थेदार ने यह भी घोषणा की कि करतारपुर कॉरिडोर के जल्द खुलने तक वे सिख संगत के साथ हर महीने डेरा बाबा नानक आकर अरदास करते रहेंगे।
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