गियानी हरप्रीत सिंह का आरोप: बहरीन से महिला को मेरी चरित्र हत्या के लिए लाया गया

गियानी हरप्रीत सिंह का आरोप: बहरीन से महिला को मेरी चरित्र हत्या के लिए लाया गया

अकाली दल (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष गियानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया है कि शिरोमणि अकाली दल के पूर्व नेता अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने वाली महिला को उनकी चरित्र हत्या करने के उद्देश्य से बहरीन से भारत लाया गया था। उन्होंने यह आरोप चंडीगढ़ में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान लगाया। गियानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि कुछ लोग दो दिसंबर के हुक्मनामों का बदला लेने के लिए इस स्तर तक गिर चुके हैं कि विदेश से महिला को लाकर उनके खिलाफ इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला को शिरोमणि कमेटी की ओर से रहने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उनका दावा है कि अब पूरे मामले को छिपाने के लिए केवल एक व्यक्ति पर आरोप डालकर व्यापक साजिश को पर्दे के पीछे रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) से करवाई जाए। साथ ही, बहरीन से महिला को भारत लाने के पीछे की मंशा और उससे जुड़े सभी पहलुओं की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गियानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि जब 21 अगस्त को श्री आनंदपुर साहिब में अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था, तो उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों की गई। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह विदेश जाने में सफल हो गया। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को इस बात की जानकारी है कि बहरीन से पीड़ित महिला को भारत कौन लेकर आया और किस उद्देश्य से लाया गया। गियानी हरप्रीत सिंह ने शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष से यह भी सवाल किया कि महिला छह महीने तक गुरु घर की सराय में कैसे रह रही थी और उसे सभी सुविधाएं किस प्रकार उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि यदि अध्यक्ष को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने तख्त केसगढ़ साहिब के जत्थेदार द्वारा इस घटना के संबंध में अनभिज्ञता जताने को भी आश्चर्यजनक बताया। उनका कहना था कि ऐसे में वह भी इस पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं। गियानी हरप्रीत सिंह ने घोषणा की कि इस मामले के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के इस्तीफे की मांग को लेकर अकाल तख्त में लगातार 11 दिनों तक अरदास की जाएगी। इस अवसर पर गुरप्रताप सिंह वडाला, प्रेम सिंह चंदूमाजरा, परमिंदर सिंह ढींडसा, सुच्चा सिंह छोटेपुर, सरवन सिंह फिल्लौर, मनजीत सिंह, गोबिंद सिंह लोंगोवाल, गगनजीत सिंह बरनाला, जस्टिस निर्मल सिंह, दविंदर सिंह सोढ़ी, करनैल सिंह पीरमोहम्मद, गुरजीत सिंह तलवंडी सहित अन्य नेता उपस्थित थे।