सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाले हादसों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मुआवजा नियम बनाने के निर्देश
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए नियम बनाने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित कानूनों और नियमों में संशोधन किया जा सकता है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि जानवरों को राष्ट्रीय राजमार्गों, सड़कों और गलियों में यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, “जानवर राष्ट्रीय राजमार्गों, सड़कों और गलियों पर प्राकृतिक स्पीड ब्रेकर नहीं हैं।” यह निर्देश पंजाब के संगरूर निवासी निशा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका के अनुसार, 21 सितंबर 2007 को निशा के पति विजय पर सड़क पर चलते समय एक आवारा सांड ने हमला कर दिया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई थी। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह चार सप्ताह के भीतर निशा को 15 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करे। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि इस आदेश को भविष्य में आने वाले अन्य मामलों के लिए नजीर (प्रेसिडेंट) के रूप में नहीं माना जाएगा।
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