पंजाब के सरकारी स्कूलों में 9 अक्टूबर को 'मेगा PTM': नियमित पढ़ाई रहेगी स्थगित, अभिभावकों से पूछे जाएंगे खास सवाल
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
पंजाब सरकार द्वारा राज्य के समस्त सरकारी स्कूलों में 9 अक्टूबर को व्यापक स्तर पर 'माता-पिता-शिक्षक मिलन' (मेगा PTM) का आयोजन किया जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 9 अक्टूबर को 'गैर-शिक्षण दिवस' (Non-Teaching Day) घोषित किया गया है, जिसके कारण इस दिन स्कूलों में नियमित कक्षाएं नहीं लगाई जाएंगी। शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ स्कूल परिसर में उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की है। इस मेगा PTM के दौरान पंजाब सरकार की जनकल्याणकारी और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। शिक्षकों को विशेष रूप से 'मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना' और 'मिशन समर्थ' जैसी योजनाओं के संबंध में अभिभावकों को विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों के शिक्षक इस कार्यक्रम के सफल आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बैठक के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रचार करने और अभिभावकों से सीधा फीडबैक प्राप्त करने की रणनीति बनाई है। जारी आदेशों के अनुसार, स्कूलों में आने वाले अभिभावकों—विशेष रूप से माताओं—से 1 से 2 मिनट का वीडियो प्रशंसा संदेश रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके तहत उनसे तीन मुख्य प्रश्न पूछे जाने हैं: 'मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना' उनके लिए क्या मायने रखती है? वे योजना के तहत प्राप्त वित्तीय सहायता/फंड का उपयोग किस प्रकार करती हैं? क्या उनके पास पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए कोई विशेष संदेश है? प्राप्त प्रतिक्रियाओं में से किसी एक प्रश्न पर तैयार किए गए वीडियो संदेशों को स्कूलों के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर साझा करने की अनुमति भी दी गई है। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायकों, हलका प्रभारियों और जिला परिषद के अधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित करने के लिए कहा गया है। शिक्षक संघों ने जताई आपत्तिदूसरी ओर, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने सरकार की इस पहल पर कड़ा ऐतराज जताया है। डीटीएफ के प्रदेश सचिव रेशम सिंह का कहना है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार सरकारी स्कूलों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रही है, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीतिक लाभ के लिए स्कूली मंच का उपयोग करना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है और उन्होंने इस अभियान का औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
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