इमरजेंसी के शुरुआती मिनटों में मिलेगी मेडिकल मदद, ड्रोन के जरिए पहुंचेंगी जरूरी दवाएं

इमरजेंसी के शुरुआती मिनटों में मिलेगी मेडिकल मदद, ड्रोन के जरिए पहुंचेंगी जरूरी दवाएं

कनाडा के पीील रीजन में आपात स्थिति के दौरान लोगों तक जीवन रक्षक मेडिकल उपकरण और दवाएं तेजी से पहुंचाने के लिए नया मेडिकल ड्रोन पायलट प्रोग्राम शुरू किया गया है। पीील रीजनल पैरामेडिक सर्विसेज ने यह तीन साल का पायलट प्रोजेक्ट 22 सितंबर से शुरू किया है। इसका पहला चरण ओंटारियो के बोल्टन के निवासियों के लिए लागू किया गया है। प्रोग्राम के तहत 911 पर कुछ विशेष मेडिकल इमरजेंसी की कॉल मिलने पर ड्रोन के जरिए जरूरी मेडिकल सामान मौके पर भेजा जाएगा। इसमें ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED), संदिग्ध ओपिओइड ओवरडोज की स्थिति में नालोक्सोन, गंभीर रक्तस्राव के लिए ट्रॉमा सप्लाई और गंभीर एलर्जी या एनाफाइलैक्सिस की स्थिति में इस्तेमाल होने वाला एपिनेफ्रिन ऑटो-इंजेक्टर शामिल है। ड्रोन केवल मेडिकल सामान पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगा। पैरामेडिक्स के मौके पर पहुंचने से पहले लोगों को रीयल-टाइम मेडिकल मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इससे खास तौर पर हार्ट अटैक जैसी आपात स्थितियों में उपचार शुरू करने में होने वाली देरी को कम करने की उम्मीद है। इस प्रोग्राम के तहत विशेष रूप से प्रमाणित पीील पैरामेडिक्स ड्रोन का संचालन करेंगे। यह ड्रोन करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। यह अपने रास्ते में मौजूद सबसे ऊंची इमारत से करीब 150 से 200 फीट ऊपर रहकर निर्धारित स्थान तक पहुंचेगा। यह पायलट प्रोजेक्ट 21 सितंबर 2029 तक चलेगा। इस दौरान छह महीने बाद इसकी समीक्षा की जाएगी, जबकि ड्रोन की हर साल जांच और सर्विसिंग की जाएगी। प्रोग्राम की सफलता, सुरक्षा, समुदाय की जरूरतों और नियामकीय मंजूरी के आधार पर भविष्य में इसे अन्य इलाकों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। पीील पैरामेडिक सर्विसेज के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति के शुरुआती कुछ महत्वपूर्ण मिनटों में लोगों तक जीवन रक्षक साधन उपलब्ध कराना है। इससे पैरामेडिक्स के पहुंचने से पहले ही जरूरी मदद शुरू करने और किसी व्यक्ति की जान बचाने की संभावना बढ़ाने में मदद मिल सकती है।