अकाल तख्त के आदेश के बीच भाजपा नेता का बड़ा कदम, मुख्यमंत्री से मुलाकात का अनुरोध

अकाल तख्त के आदेश के बीच भाजपा नेता का बड़ा कदम, मुख्यमंत्री से मुलाकात का अनुरोध

अकाल तख्त द्वारा सभी सिखों को मुख्यमंत्री भगवंत मान से किसी भी प्रकार का संबंध न रखने के निर्देश जारी किए जाने के बावजूद अमृतसर के भाजपा नेता जगमोहन राजू ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि उनकी यह मुलाकात लगभग एक लाख गरीब एवं अनुसूचित जाति के बच्चों के शिक्षा के अधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे के समाधान के लिए आवश्यक है। पूर्व आईएएस अधिकारी और भाजपा नेता जगमोहन राजू ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत गरीब एवं अनुसूचित जाति के बच्चों के दाखिले से संबंधित विषय पर मुख्यमंत्री से मिलने का अनुरोध किया है। हाल ही में उन्होंने पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दिया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस से भाजपा में आए नेता को पंजाब भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पत्र में राजू ने लिखा कि उन्हें पूरी जानकारी है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरु-द्रोही और पंथ विरोधी घोषित किया है तथा सिख समुदाय को उनसे कोई संबंध न रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एक सिख होने के नाते वह श्री अकाल तख्त साहिब का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन जब लगभग एक लाख गरीब दलित बच्चों के शैक्षणिक भविष्य का प्रश्न हो, तब उनका अंतःकरण उन्हें मौन रहने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बात से पूरी तरह अवगत हैं कि मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पर उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की नाराजगी या आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद पंजाब के गरीब बच्चों और उनके शिक्षा के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए वह इस परिणाम को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि 15 जून को अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज की अध्यक्षता में हुई पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया गया था। आदेश में एक विवादित वीडियो का उल्लेख किया गया, जिसमें कथित तौर पर मुख्यमंत्री को दस गुरुओं के चित्रों और संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर पर शराब छिड़कते हुए दिखाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इससे पहले जनवरी में सिंह साहिबानों को बताया था कि संबंधित वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया फर्जी वीडियो है। हालांकि, अकाल तख्त का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा फोरेंसिक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद दो सरकारी अधिकृत प्रयोगशालाओं से वीडियो की जांच कराई गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार इस बात से इनकार करते रहे हैं कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वही हैं। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के शीर्ष पदों पर बैठे कुछ लोग अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर उन्हें बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ने भी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी के सिख केंद्रीय मंत्री भी मुख्यमंत्री भगवंत मान से तब तक मुलाकात नहीं करेंगे, जब तक वे अकाल तख्त के निर्देशों को स्वीकार कर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते। उल्लेखनीय है कि जगमोहन राजू, जो सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी होने के साथ-साथ पंजाब भाजपा के पूर्व महासचिव भी रह चुके हैं, ने इसी महीने अपने संगठनात्मक पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि वह गरीब बच्चों के शिक्षा अधिकार तथा अनुसूचित जातियों और सिख समुदाय के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर अधिक समय देना चाहते हैं।