अमेरिका में 13 अगस्त को होगी चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर की नीलामी, कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग

अमेरिका में 13 अगस्त को होगी चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर की नीलामी, कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग

विदेशों में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े ऐतिहासिक फर्नीचर की नीलामी का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में प्रसिद्ध डिज़ाइनर पियरे जीनेरेट द्वारा डिज़ाइन की गई आठ विरासत फर्नीचर वस्तुओं की 13 अगस्त को संयुक्त राज्य अमेरिका में नीलामी प्रस्तावित है। नीलामी सूची में एक कार्यालय की कुर्सी, एक लिनन चेस्ट, एक डेस्क और कुर्सी, एक डाइनिंग चेयर, एक फाइल रैक, एक लेखन कुर्सी, एक कमेटी टेबल तथा एक डेबेड शामिल हैं। इन वस्तुओं की अनुमानित कीमत 49,000 अमेरिकी डॉलर से 63,000 अमेरिकी डॉलर के बीच बताई गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 40.94 लाख रुपये से 52.61 लाख रुपये के बराबर है। इस मामले को लेकर प्रशासक सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तथा चंडीगढ़ प्रशासन के संस्कृति सचिव डॉ. सईद आबिद राशिद शाह से मुलाकात की। इसके साथ ही एक पत्र भेजकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग भी की गई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि पिछले दो महीनों के दौरान केंद्र सरकार के प्रशासनिक प्रयासों से विदेशों में दो बार ऐसी नीलामियों को रुकवाने में सफलता मिली है। अजय जग्गा ने कहा कि वर्तमान नीलामी सूची में इन फर्नीचर वस्तुओं का मूल स्रोत चंडीगढ़, प्रशासनिक भवन और पंजाब विश्वविद्यालय बताया गया है। उनके अनुसार, यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि ये वस्तुएं भारत की सांस्कृतिक और वास्तुशिल्प विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जब देश 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, ऐसे समय में भारतीय विरासत से जुड़ी वस्तुओं की विदेशों में नीलामी चिंता का विषय है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2026 में फ्रांस और स्पेन में प्रस्तावित चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर की नीलामियां भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद स्थगित कर दी गई थीं। अजय जग्गा ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि इस मामले को अमेरिकी सरकार और संबंधित एजेंसियों के समक्ष उठाया जाए। साथ ही नीलामी पर रोक लगाने, वस्तुओं के स्वामित्व और निर्यात की कानूनी जांच कराने तथा उन्हें भारत वापस लाने के लिए कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है।