करियर बनाने रूस गया 21 वर्षीय पंजाबी युवक, जबरन भर्ती के बाद हुई मौत
पंजाब के लुधियाना निवासी 21 वर्षीय युवक समरजीत सिंह की रूस में मौत हो गई है। परिवार के अनुसार समरजीत को वहां जबरन रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया था। वह अपने करियर की तलाश में रूस गया था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उसे सेना में शामिल कर दिया गया। जानकारी के अनुसार 8 सितंबर के बाद समरजीत का अपने परिवार के साथ संपर्क टूट गया था। बाद में पता चला कि उसकी मौत दिसंबर में हो गई थी। परिवार को उसकी मौत की सूचना दो दिन पहले दी गई, जिसके बाद अब उसका शव रूस से लुधियाना पहुंच गया है। समरजीत का अंतिम संस्कार आज डाबा श्मशानघाट में किया जाएगा। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। समरजीत के मामा अमरजीत सिंह ने बताया कि परिवार को दो दिन पहले उसकी मौत की जानकारी दी गई थी और साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र भी भेजा गया था। उन्हें बताया गया था कि समरजीत का शव गुरुवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचेगा। अमरजीत सिंह ने बताया कि गुरुवार को उन्होंने शव प्राप्त किया और उसे लुधियाना लाया। मृत्यु प्रमाण पत्र में लिखा है कि समरजीत की मौत दिसंबर में हुई थी। उन्होंने कहा कि समरजीत को जबरन सेना में भर्ती किया गया था और उसकी पहचान केवल रूसी सेना के एक टोकन के माध्यम से की गई। समरजीत के पिता चरणजीत सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के कुछ दिनों बाद जब उसे सेना की वर्दी दी गई, तो उसने पूछा कि उसे यह वर्दी क्यों दी जा रही है। उसे बताया गया कि उसे सेना के एक डॉक्टर के साथ काम करना है, इसलिए वर्दी पहनना आवश्यक होगा। हालांकि कुछ समय बाद उसे पता चला कि उसे धोखे से सेना में भर्ती किया गया है। पिता के अनुसार समरजीत 16 जुलाई को लुधियाना से रूस गया था। वहां पहुंचने के बाद उसे बताया गया कि उसे रूसी भाषा सीखने के लिए तीन महीने का कोर्स करना होगा। उसने यह कोर्स शुरू कर दिया और कहा गया कि कोर्स पूरा होने के बाद उसे नौकरी मिल जाएगी। परिवार के अनुसार वह उस समय बहुत खुश था। चरणजीत सिंह ने बताया कि समरजीत ने आखिरी बार 8 सितंबर को वीडियो कॉल के जरिए परिवार से बात की थी। यह कॉल केवल 22 सेकंड की थी। उस दौरान समरजीत ने कहा था, “मैं ठीक हूं, पिताजी, अपना और मम्मी का ध्यान रखना।” इसके बाद कॉल कट गई और फिर उससे संपर्क नहीं हो सका। परिवार ने बताया कि इसके बाद कई बार फोन करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क स्थापित नहीं हो पाया। बाद में पता चला कि समरजीत को जबरन रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया था और उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही थी।
Posted By: Daily Suraj Bureau