‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ में लुधियाना सबसे आगे, 7.4 लाख लाभार्थी पंजीकृत
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना सबसे अधिक लाभार्थियों वाला जिला बनकर सामने आया है। योजना के अंतर्गत जिले में 7.4 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना के बाद पटियाला में 5.3 लाख, अमृतसर में 4.9 लाख, जालंधर में 4.8 लाख, गुरदासपुर में 4.4 लाख और होशियारपुर में 4.2 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ है। वहीं, राज्य में सबसे कम पंजीकरण मलेरकोटला जिले में दर्ज किया गया है, जहां 1.3 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं। 14 जुलाई 2026 तक पूरे पंजाब में इस योजना के तहत कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे जिलों में अधिक पंजीकरण के पीछे कई कारण हैं। इनमें बड़ी आबादी, मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिक जागरूकता प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरा सरकारी तंत्र मिलकर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि इन जिलों में शहरी और ग्रामीण आबादी अधिक होने के साथ-साथ विधानसभा क्षेत्रों और पात्र परिवारों की संख्या भी ज्यादा है, जिससे लाभार्थियों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ी है। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोजगार, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के कारण आसपास के जिलों के लोगों को भी आकर्षित करते हैं, जिससे यहां की आबादी में लगातार वृद्धि होती है। सरकार के अनुसार, इन जिलों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार रहते हैं। बेटियों वाले पात्र परिवारों की संख्या अधिक होने के कारण योजना के लाभार्थियों का आंकड़ा भी बढ़ा है। जन्म पंजीकरण, आधार नामांकन, बैंक खातों की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बेहतर व्यवस्था ने भी अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ लेने में मदद की है। जिला प्रशासनों ने जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्थानीय संस्थाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पात्र परिवारों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने आवेदनों के सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसके विपरीत, कम आबादी वाले मलेरकोटला जिले में पात्र परिवारों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के कारण पंजीकरण भी सबसे कम दर्ज किए गए हैं। जिला-वार पंजीकृत लाभार्थी (लाखों में) जिला लाभार्थी लुधियाना 7.4 पटियाला 5.3 अमृतसर 4.9 जालंधर 4.8 गुरदासपुर 4.4 होशियारपुर 4.2 बठिंडा 3.8 संगरूर 3.6 फाजिल्का 2.9 श्री मुक्तसर साहिब 2.7 मोगा 2.6 तरनतारन 2.6 फिरोजपुर 2.5 मानसा 2.4 फरीदकोट 1.8 पठानकोट 1.8 रूपनगर 1.8 कपूरथला 1.7 एस.ए.एस. नगर (मोहाली) 1.7 बरनाला 1.6 एस.बी.एस. नगर 1.6 फतेहगढ़ साहिब 1.5 मलेरकोटला 1.3 कुल पंजीकृत लाभार्थी: 68.9 लाख
Posted By: Daily Suraj Bureau