कनाडा की 22 मिलियन डॉलर की सोना चोरी: पंजाबी मूल के परमपाल सिद्धू के खिलाफ अदालत में सुनवाई शुरू

कनाडा की 22 मिलियन डॉलर की सोना चोरी: पंजाबी मूल के परमपाल सिद्धू के खिलाफ अदालत में सुनवाई शुरू

कनाडा के टोरंटो पीयरसन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 2.2 करोड़ कनाडाई डॉलर (लगभग 185 करोड़ रुपये) मूल्य के सोने और विदेशी मुद्रा की ऐतिहासिक चोरी के मामले में पंजाबी मूल के आरोपी परमपाल सिद्धू के खिलाफ सोमवार को अदालत में सुनवाई शुरू हो गई। परमपाल सिद्धू एयर कनाडा का पूर्व कर्मचारी है और सरकारी वकीलों ने उस पर इस चोरी में ‘इनसाइड मैन’ की भूमिका निभाने का आरोप लगाया है।
सरकारी वकीलों के अनुसार, परमपाल ने एयर कनाडा में कर्मचारी रहते हुए अपनी पहुंच का कथित तौर पर फायदा उठाया और चोरी की साजिश को अंजाम देने में मदद की। हालांकि, अदालत में पेशी के दौरान परमपाल सिद्धू ने अपने खिलाफ लगाए गए चोरी और साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया।
सरकारी वकील जेलेना वलासिक ने अदालत को बताया कि अप्रैल 2023 में हुई चोरी के लिए इस्तेमाल किया गया फर्जी एयर वेबिल घटना से एक दिन पहले परमपाल सिद्धू की प्रोफाइल से प्रिंट किया गया था। इसके बाद पूरा माल एक ट्रक में लोड करवाकर गायब कर दिया गया।
जांच के अनुसार, चोरी की खेप लेने के लिए आया ट्रक चालक डुरांटे किंग-मैकलीन बाद में अमेरिका भाग गया था। उसे सितंबर 2023 में पेंसिल्वेनिया से गिरफ्तार किया गया। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, चेहरा ढककर आए चालक ने फर्जी दस्तावेज दिखाए और करीब एक घंटे के भीतर 400 किलोग्राम से अधिक वजन की 6,600 सोने की ईंटें लेकर फरार हो गया। यह सोना स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से आया था।
वहीं, बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में सवाल उठाया कि क्या परमपाल के कंप्यूटर तक किसी अन्य व्यक्ति की पहुंच हो सकती थी और क्या संबंधित दस्तावेज पर मौजूद लिखावट की फोरेंसिक जांच की गई थी। जांच अधिकारियों ने माना कि लिखावट कम होने के कारण उसकी फोरेंसिक जांच नहीं की जा सकी।
इस मामले में इससे पहले अभियोजन पक्ष ने दो अन्य आरोपियों अली रजा और अमित जलोटा के खिलाफ मामला वापस ले लिया था। वहीं, अरसलान चौधरी को चार साल की कैद और 22 मिलियन डॉलर का मुआवजा भरने की सजा सुनाई जा चुकी है।
मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अर्चित ग्रोवर के खिलाफ सुनवाई इस साल के अंत में होने वाली है।