Daily Suraj

हिन्दी

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान की चेतावनी, इज़राइल ने हमले तेज करने के संकेत दिए

21 Mar, 2026 03:38 PM

पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इस समय बेहद नाजुक बने हुए हैं और आने वाले दिनों में संघर्ष के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। इज़राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा है कि अगले सप्ताह ईरान के खिलाफ हमलों में “काफी बढ़ोतरी” की जाएगी। उन्होंने एक वीडियो बयान में बताया कि इज़राइली रक्षा बल (IDF) और अमेरिकी सेना ईरानी ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर हमलों की तीव्रता बढ़ाएंगे। इस बीच, ईरानी सेना के एक सूत्र ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। सूत्र के अनुसार, यदि अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया तो यह “लाल रेखा” पार करने के समान होगा और इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह बयान Tasnim News Agency को दिया गया। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने कहा है कि United Nations स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि संगठन पहले भी ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में सफल मध्यस्थता कर चुका है और वैश्विक व्यापार को बाधित होने से बचाने के प्रयास जारी हैं। इसी बीच, ईरान ने चागोस द्वीप समूह में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे Diego Garcia की ओर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट के अनुसार, एक मिसाइल रास्ते में ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने SM-3 इंटरसेप्टर मिसाइल दागी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसे सफलतापूर्वक रोका गया या नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को कम करने पर विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते यह कदम उठाया जा सकता है। साथ ही, अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में एक महीने की अस्थायी राहत देने की घोषणा की है। यह छूट 19 अप्रैल तक लागू रहेगी और इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करना है। वहीं, अमेरिका ने यूरोप से पैट्रियट मिसाइल सिस्टम हटाकर पश्चिम एशिया में तैनात किए हैं, जिससे यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब ईरान ने वैश्विक पर्यटन स्थलों और ऊर्जा केंद्रों पर हमले की धमकी दी। इज़राइल की ओर से भी ईरान की राजधानी तेहरान तक हवाई हमले किए जाने की खबरें हैं। 28 फरवरी से जारी हमलों में ईरान के परमाणु और ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वैश्विक बाजार में ईंधन और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

Posted By: Daily Suraj Bureau

Latest News