पंजाब में 'कैश फॉर पोस्टिंग' मामला: सीबीआई ने शुरू की 15 मामलों से जुड़ी सरकारी फाइलों की जांच

पंजाब में 'कैश फॉर पोस्टिंग' मामला: सीबीआई ने शुरू की 15 मामलों से जुड़ी सरकारी फाइलों की जांच

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब में "तैनातियों, अनुकूल नीतियों और टेंडर आवंटन में रिश्वतखोरी" (कैश फॉर पोस्टिंग) के कथित मामलों में अनियमितताओं की जांच के तहत 15 मामलों से जुड़ी सरकारी फाइलों की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष 4 दिसंबर तक अपनी जांच रिपोर्ट पेश करनी है, जिसके मद्देनजर यह कार्रवाई तेजी से की जा रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन समेत पांच अन्य—नितिन गोहल, जितिन गोहल, रोमी महाजन, वीर देविंदर और आर.एस. नागरा को पिछले हफ्ते सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए मामले में आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। इसके चलते मुख्यमंत्री कार्यालय में घुम्मन और जितिन गोहल की नियुक्ति से संबंधित फाइलें भी सीबीआई द्वारा तलब की गई हैं। विभिन्न विभागों द्वारा कुछ फाइलें बीते दिन और अन्य फाइलें आज एजेंसी को भेजी गई हैं। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा सेक्टर 30-ए स्थित सीबीआई की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा के कार्यालय में दस्तावेज लेकर जाने के लिए नियुक्त किया गया है। एजेंसी ने संबंधित नोट-शीट और ड्रॉफ्ट समेत फाइलें मांगी हैं, ताकि यह जांचा जा सके कि निर्णय लेने की प्रक्रिया किस प्रकार हुई और आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहता है। सीबीआई द्वारा मांगे गए रिकॉर्ड्स में पंजाब स्थानीय निकाय विभाग में 2024 के लिए सहायक टाउन प्लानर्स (ग्रेड ए) की भर्ती; जीरकपुर के एयरपोर्ट रोड स्थित गांव छत पर मलावा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए जा रहे 'एस्कोन प्राइमरा' ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट; तथा सीएम के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के रूप में राजबीर घुम्मन और सीएमओ में प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में जितिन कुमार गोहल उर्फ राजा की नियुक्ति से संबंधित फाइलें शामिल हैं। इसके अलावा, 2024 के दौरान माइंड केयर अस्पताल, सरहिंद के लाइसेंसों के नवीनीकरण; वेर्का द्वारा एसएपी (SAP) यूजर लाइसेंस की खरीद; 'TeQCty' और 'SAP' से संबंधित लाइसेंसिंग सौदे; तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा तैयार 2024 की अनाज लेबर और ढोआ-ढुलाई की नीतियों से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। एजेंसी द्वारा मांगी गई अन्य फाइलों में 2023-24 और 2024-25 की ट्रांसफर नीतियां, न्यू खन्ना सिटी एक्सटेंशन से जुड़े मामले, हाईटेक डेवलपर्स एंड बिल्डर्स, आरकेएम हाउसिंग लिमिटेड, गमाडा (GMADA), और चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज को 2025-26 के लिए दी गई प्रदूषण-मुक्त मंजूरी भी शामिल हैं। इस सूची में पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग के अलावा पंजाब खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह अहलुवालिया और मानसा से 'आप' नेता चुस्पिंदर चहल सहित नौ व्यक्तियों द्वारा हथियार लाइसेंस के लिए दी गई अर्जियां भी शामिल हैं। संबंधित विभाग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. मोसेस को रिकॉर्ड उपलब्ध करा रहे हैं। फाइलों की यह मांग सरकारी नियुक्तियों, नीतिगत फैसलों और टेंडर मामलों में भ्रष्टाचार की जांच का हिस्सा है, जिसे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई को सौंपा गया था।