जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने और नई जगहें तय करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र व दिल्ली पुलिस को नोटिस

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने और नई जगहें तय करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र व दिल्ली पुलिस को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर से प्रदर्शन स्थल का दर्जा वापस लेने और विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक स्थान तय करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमालिया बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत इस बात की गहराई से समीक्षा करेगी कि क्या संबंधित अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल के रूप में जंतर-मंतर के इस्तेमाल और इसकी ऐतिहासिक महत्ता पर सही तरीके से विचार किया था या नहीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुक्ता गुप्ता ने अदालत में जोरदार दलील दी कि प्रदर्शन की जगह सरकारी संस्थानों और दफ्तरों के करीब होनी चाहिए, ताकि अधिकारियों तक प्रदर्शनकारियों की आवाज आसानी से पहुंच सके। इस पर न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि आज के तकनीकी विकास और हालातों के नजरिए से भी इस मुद्दे को समझने की जरूरत है। एक अन्य वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने भी मुक्ता गुप्ता का समर्थन करते हुए जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने की मांग की। सुनवाई के दौरान जब शंकरनारायणन ने यह आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश का हवाला देकर जंतर-मंतर की मान्यता रद्द की है, तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी अदालती आदेश पर नहीं, बल्कि इसी कार्य के लिए गठित विशेष समिति की सिफारिशों पर आधारित है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाते हुए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए नए स्थानों के रूप में तय किया था, जिसे मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, इन नई जगहों पर प्रदर्शनों के लिए नए दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाने हैं। याचिकाकर्ताओं ने इन नए स्थानों के चयन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही रामलीला मैदान को अयोग्य ठहरा चुका है और जंतर-मंतर को ही विरोध प्रदर्शनों के लिए सबसे उपयुक्त स्थान मान चुका है। उन्होंने इन प्रतिबंधों का विरोध करते हुए यह भी आरोप लगाया कि नए चुने गए कुछ स्थान दिल्ली के कूड़े के डंपिंग यार्ड के पास स्थित हैं और आम जनता के बड़े एकत्र होने के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं।