पहली बार भारतीय धरती पर उतरा अमेरिकी F-35A फाइटर जेट; 'तरंग शक्ति' में बढ़ा युद्धाभ्यास का रोमांच
- अंतरराष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
राजस्थान के जोधपुर स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना की मेजबानी में प्रमुख बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ का दूसरा संस्करण पूरे उत्साह और उच्च परिचालन मानकों के साथ जारी है। रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस युद्धाभ्यास के दौरान हिस्सा ले रही विभिन्न मित्र राष्ट्रों की वायु सेनाओं के एयरक्रू और तकनीकी टीमों के बीच पेशेवर संवाद और सहयोग के जरिए द्विपक्षीय व बहुपक्षीय रक्षा संबंधों को नई मजबूती मिल रही है।रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर साझा किए अपने संदेश में बताया कि जोधपुर का आसमान इस समय अंतरराष्ट्रीय हवाई गतिविधियों और लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट से भरा हुआ है। ‘तरंग शक्ति 26’ के अगले चरणों में प्रवेश करने के साथ ही प्रतिभागी वायु सेनाएं अत्यंत चुनौतीपूर्ण और मांग वाले माहौल में फ्लाइंग ऑपरेशन्स, रणनीतिक अनुभवों और उन्नत प्रशिक्षण तकनीकों का आदान-प्रदान कर रही हैं। इस दौरान लड़ाकू विमानों का संयुक्त संचालन अंतर-संचालनीयता (Interoperability), बेहतर तालमेल और आपसी सामरिक समझ को बढ़ाने के अभूतपूर्व अवसर प्रदान कर रहा है। यह बहुराष्ट्रीय अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में 7 मित्र विदेशी देश (FFCs) अपने अत्याधुनिक वायु परिसंपत्तियों और लड़ाकू विमानों के साथ सीधे तौर पर हिस्सा ले रहे हैं, जबकि 32 से अधिक देश पर्यवेक्षक (Observers) के रूप में मौजूद हैं। इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य वास्तविक बहुराष्ट्रीय ऑपरेशन्स, संयुक्त वायु मिशन, जटिल मिशन सेटिंग्स और आधुनिक रणनीतिक अभ्यासों के उत्कृष्ट तरीकों को एक-दूसरे के साथ साझा करना है। अभ्यास में अंतरराष्ट्रीय भागीदार अपनी-अपनी प्रमुख वायु संपत्तियों के साथ शामिल हुए हैं। फ्रांस ने अपने राफेल (Rafale) लड़ाकू विमान, A400M परिवहन विमान और MRTT टैंकर उतारे हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) F-16 जेट्स और एक ग्लोबल 6000 विमान के साथ भाग ले रहा है। वहीं, रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स C-130J, जर्मन एयर फोर्स A400M, श्रीलंका KA-360ER निगरानी विमान और बांग्लादेशी वायु सेना C-130J विमान के साथ शामिल है। इस पूरे युद्धाभ्यास का सबसे प्रमुख आकर्षण संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी रही है। अमेरिका ने अभ्यास में अपने F-35A स्टील्थ फाइटर जेट्स और KC-135 रीफ्यूलिंग टैंकर शामिल किए हैं। यह पहला ऐतिहासिक अवसर है जब पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) के किसी अमेरिकी लड़ाकू जेट ने भारतीय सरजमीं पर किसी सैन्य अभ्यास में भाग लिया है। इससे पूर्व, वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा था कि यह अभ्यास भारत को अपने बढ़ते एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग की क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक मजबूत मंच प्रदान करता है।
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