जंतर-मंतर पर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी, CJP ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उठाई आवाज

जंतर-मंतर पर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी, CJP ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उठाई आवाज

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए छह लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रदर्शन के समर्थन और विरोध में मौजूद समूहों के बीच संभावित टकराव को रोकने के उद्देश्य से की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया निगरानी और अन्य माध्यमों से उन्हें दोनों पक्षों के बीच तनाव की आशंका की जानकारी मिली थी। इसी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया और कुछ व्यक्तियों को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे प्रदर्शन स्थल के आसपास अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करते पाए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उठाया गया। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। इस आयोजन में स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ बड़ी संख्या में युवा पेशेवरों ने भी भाग लिया। कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच के मुखौटे पहने हुए थे और उनके हाथों में फूल थे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शन से पहले संगठन ने प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे और उनसे तिरंगा, एक पुस्तक तथा फूल साथ लाने की अपील की थी। दीपके ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और पुलिस कर्मियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करने का भी आग्रह किया था। उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और अहिंसक बनाए रखने पर जोर दिया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर पर आयोजित करने की अनुमति दी थी। पुलिस के अनुसार, अनुमति सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप एक बार की छूट के रूप में प्रदान की गई। इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET 2026 पेपर लीक, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली तथा NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग रहा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रदर्शन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला। वे जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रखी। इस बीच, अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शाम 5 बजे तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन को देशभर में और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले सप्ताह में विभिन्न शहरों में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने अगले शनिवार को जंतर-मंतर पर एक और बड़े स्तर के प्रदर्शन की घोषणा भी की। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रमुख रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों और दिल्ली की सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। नई दिल्ली जिले और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया। पुलिस ने प्रमुख बाजारों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।