बहादुरगढ़ पुलिस ने किया अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
बहादुरगढ़ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला मामला उजागर किया है। इस मामले में पंजाब के फरीदकोट निवासी एक दंपती ने अपने तीन दिन के नवजात पुत्र को 2.25 लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि दंपती दिहाड़ी मजदूर है और पहले से ही अपने 15 और 9 साल के दो बच्चों की परवरिश कर रहा था। आर्थिक तंगी के कारण वे तीसरे बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ थे। इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया, यह सोचकर कि गोद लेने वाला परिवार बच्चे को बेहतर जीवन प्रदान करेगा। बहादुरगढ़ के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) मयंक मिश्रा के अनुसार, दंपती ने पहले गर्भपात पर भी विचार किया था, लेकिन समय सीमा पार होने के कारण डॉक्टरों ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी परेशानी एक स्थानीय परिचित के साथ साझा की, जिसने उन्हें बच्चे को बेचने के लिए उकसाया और एक ऐसे गिरोह से संपर्क कराया जो गोद लेने के नाम पर अवैध गतिविधियां संचालित करता था। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य बच्चे के जन्म से पहले ही दंपती के संपर्क में थे। फरीदकोट के एक अस्पताल में जन्म के तीन दिन बाद बच्चे को 2.25 लाख रुपये में गिरोह को सौंप दिया गया। इसके बाद इस नवजात को दिल्ली के एक परिवार को 9.25 लाख रुपये में बेचने की योजना थी, जो 31 मार्च को बहादुरगढ़ पहुंचने वाला था। हालांकि, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए पंजाब की एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला तब सामने आया जब एक सप्ताह पहले बहादुरगढ़ (झज्जर) में पुलिस ने एक नवजात को छुड़ाया था। इसके बाद पंजाब से महाराष्ट्र तक फैले 10 से अधिक राज्यों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, अब तक पंजाब, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली से कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में विभिन्न राज्यों में छापेमारी जारी है। मामले की जांच अभी जारी है।
Posted By: Daily Suraj Bureau