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जेपी नड्डा से वार्ता बेनतीजा, CJP का प्रदर्शन जारी; मांगें पूरी होने तक आंदोलन पर अड़े छात्र

21 Jul, 2026 11:20 AM

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित संसद मार्च के बीच राजधानी दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ हुई बैठक भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद CJP नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सभी प्रमुख मांगें पूरी होने तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा। सोमवार को केंद्रीय दिल्ली में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तथा प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। वर्ष 2019 के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी आंदोलन की याद दिलाने वाले इस प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने 20 जून से जारी धरने के बाद पहली बार CJP नेतृत्व के साथ औपचारिक वार्ता की। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी सहित अपनी अन्य प्रमुख मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा। सरकार ने ज्ञापन पर विचार करने का आश्वासन देते हुए प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की, लेकिन संगठन ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। इस बीच अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने घोषणा की है कि उनकी भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या सांसद स्वयं अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात नहीं करते। मंगलवार को सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 24वें दिन में प्रवेश कर गई। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था, ने सोमवार को अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। राजधानी के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हालात को देखते हुए सतर्कता बनाए रखी गई है। इस बीच वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी आठवें मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक की स्थिति स्थिर है, लेकिन अब भी चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार उनके शरीर के महत्वपूर्ण संकेत (वाइटल्स) स्थिर हैं तथा सीरम पोटैशियम का स्तर सुधरकर 3.2 mEq/L हो गया है। हालांकि लगातार कम ब्लड शुगर और रक्त में पैनसाइटोपीनिया की स्थिति गंभीर चिकित्सीय चिंता का विषय बनी हुई है। उधर, पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से छात्र आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की। इसी मामले में CJP के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में पुलिस कार्रवाई की अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच, घायलों को मुआवजा तथा घटनास्थल के सीसीटीवी, ड्रोन फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की गई है। इस मामले पर बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी NEET-UG पेपर लीक मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक की जानकारी मिलते ही 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा छात्रों के हित में पुनर्परीक्षा कराकर समय पर परिणाम भी घोषित किए गए। दिल्ली पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन के मामले में कम से कम पांच एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार इस हिंसा में वरिष्ठ अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों सहित कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले कनॉट प्लेस, पार्लियामेंट स्ट्रीट और अन्य संबंधित थानों में दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर और भी एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं। दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए छात्रों और युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि आंदोलनकारियों की सुरक्षा के लिए और बेहतर तैयारी की जा सकती थी। दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शन के दौरान बल का प्रयोग प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा घेरा तोड़ने से रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए किया गया था। वहीं प्रदर्शनकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि उनके शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस ने बार-बार लाठीचार्ज किया। दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने के बाद राजधानी के केंद्रीय इलाकों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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