युद्ध रोकने के लिए ईरान की शर्तें—कानूनी अधिकारों की मान्यता और नुकसान की भरपाई
- अंतरराष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
United States, Israel और Iran के बीच जारी संघर्ष का गुरुवार को 13वां दिन है। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि युद्ध को समाप्त किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए तीन शर्तों को स्वीकार करना जरूरी होगा। ईरानी राष्ट्रपति के अनुसार पहली शर्त यह है कि ईरान के कानूनी और संप्रभु अधिकारों को मान्यता दी जाए। दूसरी शर्त के तहत युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए, जबकि तीसरी शर्त यह है कि भविष्य में ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाएगा, इसकी अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि इन शर्तों को स्वीकार करना ही युद्ध समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है। रिपोर्ट के अनुसार संघर्ष के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मृत्यु के बाद हुए हमलों में लगभग 50 उच्च अधिकारी मारे जा चुके हैं। इसके बावजूद ईरान का दावा है कि वह लंबी अवधि तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है। दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में बढ़त हासिल कर ली है। उन्होंने Kentucky में एक रैली के दौरान कहा कि युद्ध के पहले घंटे में ही स्पष्ट हो गया था कि अमेरिका आगे है और अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका युद्ध से पीछे नहीं हटेगा और मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी, ताकि भविष्य में ऐसे टकराव दोबारा न हो सकें। इस बीच United States Department of Defense, जिसे Pentagon भी कहा जाता है, ने संसद को जानकारी दी है कि ईरान के साथ युद्ध के पहले छह दिनों में अमेरिका ने लगभग 11.3 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) खर्च किए। इसमें से लगभग 5 अरब डॉलर (करीब ₹45 हजार करोड़) हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च किए गए।
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