महंगाई पर काबू के लिए RBA का कदम, लगातार तीसरी बार दरों में इजाफा

महंगाई पर काबू के लिए RBA का कदम, लगातार तीसरी बार दरों में इजाफा

ऑस्ट्रेलिया का रिज़र्व बैंक ने एक बार फिर ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हुए 5 मई 2026 को अपनी मौद्रिक नीति बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले के बाद देश की मुख्य नकद दर बढ़कर 4.35% पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि यह फैसला बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। गौरतलब है कि इस वर्ष यह लगातार तीसरी बार है जब केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा किया है, जिससे कर्ज लेने वाले लोगों पर दबाव और बढ़ गया है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन पर पड़ता है। इनकी ब्याज दरें बढ़ने से मासिक किस्तें (EMI) महंगी हो जाती हैं, जिससे लोगों की खर्च करने की क्षमता कम हो जाती है। इसके अलावा, बढ़ी हुई ब्याज दरें नए कर्ज लेने वालों को भी हतोत्साहित करती हैं। जब उपभोक्ता महंगी वस्तुओं, नए घरों या वाहनों की खरीदारी कम कर देते हैं, तो बाजार में मांग घटने लगती है। मांग में कमी आने से कंपनियां और व्यापारी कीमतें बढ़ाने से बचते हैं या कुछ मामलों में कीमतों में कटौती भी करते हैं। इस प्रक्रिया के चलते धीरे-धीरे महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सकता है, जो केंद्रीय बैंक के इस कदम का मुख्य उद्देश्य है।