आत्महत्या मामले में केंद्र के हस्तक्षेप से मुख्यमंत्री का इनकार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में केंद्र के हस्तक्षेप की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। यह मांग विपक्षी दलों द्वारा उठाई गई थी, जो इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई से करवाने पर जोर दे रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार भी सीबीआई जांच की मांग पर कायम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर व्यक्ति के जीवन की कीमत को समझती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया था कि यदि पंजाब के सांसद लिखित अनुरोध करते हैं तो इस आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब पुलिस इस मामले की जांच करने में पूरी तरह सक्षम है और उन्हें राज्य की जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में एक पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य आरोपियों को भी जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस घटना की जांच मुख्य सचिव की अगुवाई में गठित एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य साजिशकर्ता की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को बिना देरी सख्त सजा दी जाएगी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने हरियाणा में एडीजीपी वाई. पूर्ण कुमार की आत्महत्या का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि क्या उस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2021 में पिता और पुत्री की आत्महत्या के मामले का जिक्र किया, जिसमें परिवार ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर आरोप लगाए थे, लेकिन उस मामले में भी सीबीआई जांच नहीं करवाई गई। मुख्यमंत्री ने पुराने मामलों का हवाला देते हुए महल कलां में हुए किरणजीत कौर हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने पटियाला की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक व्यक्ति ने मीडिया के सामने आत्मदाह किया था और उसने कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा उनके करीबी भरत इंदर सिंह चहल का नाम लिया था, लेकिन उस समय भी न तो किसी ने इस्तीफा दिया और न ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।
Posted By: Daily Suraj Bureau