पंजाबी संस्कृति और विरासत का शानदार उत्सव, आम जनता के लिए प्रवेश निशुल्क
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
पंजाब सरकार के पर्यटन और सांस्कृतिक विभाग द्वारा अमृतसर के रणजीत एवेन्यू मैदान में तीन दिवसीय रंगला पंजाब उत्सव का आज भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर राज्य के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में अमृतसर पूर्व की विधायक जीवनजोत कौर, अमृतसर पश्चिम के विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू, पनसप के चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़, जिला योजना कमेटी के चेयरमैन गुर प्रताप सिंह संधू, पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम के वाइस चेयरमैन जसकरण सिंह बंदेसा, पर्यटन विभाग के निदेशक संजीव कुमार तिवाड़ी, अतिरिक्त उपायुक्त और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि इस उत्सव का उद्देश्य पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खान-पान और रहन-सहन को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करना है। उन्होंने बताया कि उत्सव में पंजाब की विविध सांस्कृतिक झलकियां—लोक नृत्य भांगड़ा और गिद्धा, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और बोलियां—एक ही मंच पर देखने को मिल रही हैं। मंत्री ने कहा, “पंजाबी संस्कृति विश्व की सबसे जीवंत और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने में सहायक हैं।” पर्यटन विभाग के निदेशक संजीव तिवाड़ी ने बताया कि उत्सव 1 मार्च तक चलेगा। उत्सव में क्राफ्ट बाजार में पारंपरिक पंजाबी हस्तशिल्प और वस्तुएं उपलब्ध हैं। फूड कोर्ट में लगभग 30 स्टॉल लगे हैं, जहां विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे जा रहे हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और अन्य आकर्षणों की भी व्यवस्था की गई है। तीनों शामों में पंजाब के प्रसिद्ध लोक गायकों की प्रस्तुतियां होंगी। पहले दिन विरासत संधू, जसपिंदर नरूला और जैजी बी का संगीत कार्यक्रम, दूसरे दिन मीट कौर, कौर बी और कुलविंदर बिल्ला, और अंतिम दिन हरजीत हरमन, बाणी संधू और मनमोहन वारिस दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इसके अतिरिक्त 28 फरवरी और 1 मार्च को आकर्षक ड्रोन शो का आयोजन भी किया जाएगा। पर्यटन निदेशक ने आम जनता से अपील की कि वे अपने परिवार सहित इस उत्सव में आएं और रंगले पंजाब की संस्कृति, संगीत, नृत्य और खान-पान का आनंद लें। उन्होंने बताया कि उत्सव में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है।
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