‘सांझ’ पोर्टल से FIR डाउनलोड करने पर 80 रुपये वसूली को चुनौती

‘सांझ’ पोर्टल से FIR डाउनलोड करने पर 80 रुपये वसूली को चुनौती

पंजाब में एफआईआर की प्रति डाउनलोड करने के लिए 80 रुपये शुल्क वसूले जाने का मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस संबंध में वकील वासू रंजन शांडिल्य और अभिषेक मल्होत्रा ने याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह शुल्क आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पंजाब पुलिस अपने ‘सांझ’ पोर्टल/ऐप के माध्यम से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए 80 रुपये वसूल रही है, जो कानून के विरुद्ध है। वकीलों का कहना है कि नियमों के अनुसार पीड़ित या शिकायतकर्ता को एफआईआर की प्रति नि:शुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से इस शुल्क को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की फीस गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए न्याय तक पहुंच में बाधा उत्पन्न करती है। इस मामले में वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विशेष डीजीपी ए.एस. राय से भी मुलाकात की है और इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही निर्देश दे चुका है कि एफआईआर को ऑनलाइन दर्ज किया जाए, ताकि लोग उन्हें आसानी से देख और डाउनलोड कर सकें। पुराने पुलिस नियमों में भी स्पष्ट किया गया है कि एफआईआर की प्रति के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि एफआईआर एक सार्वजनिक दस्तावेज है, इसलिए इसे देखने या डाउनलोड करने के लिए किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं लगाई जानी चाहिए। मामले की सुनवाई जल्द होने की संभावना है।