पत्रकारों की गिरफ्तारी पर विवाद, चंडीगढ़ प्रेस क्लब और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जताया विरोध
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
हरियाणा पुलिस ने Living India न्यूज चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) अतुल अग्रवाल समेत पांच लोगों को कथित फर्जी स्टिंग ऑपरेशन के मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन पत्रकार और एक ड्राइवर भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि करीब छह महीने पुरानी एक निजी वीडियो को कथित तौर पर फर्जी स्टिंग ऑपरेशन के रूप में पेश किया गया और शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में चैनल के MD अतुल अग्रवाल, संपादक सौरभ, एंकर सुदेश नैन, पत्रकार नीतू और ड्राइवर लवप्रीत शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वीडियो से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की बात कहकर उसे धमकाया गया और ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई।
इस मामले में कुरुक्षेत्र के थाना सिटी थानेसर में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
16 अप्रैल 2026 की निजी वीडियो को स्टिंग बताने का आरोप
कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चैनल ने 16 अप्रैल 2026 को बनाई गई उसकी पुरानी निजी वीडियो को फर्जी स्टिंग ऑपरेशन के तौर पर पेश किया। शिकायत के अनुसार, बाद में वीडियो से संबंधित जानकारी सामने न लाने के नाम पर उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल भी किया गया।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जांच के दौरान इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। इनमें मूल वीडियो, उसे रिकॉर्ड किए जाने की तारीख और वीडियो बनाने वाले व्यक्तियों से संबंधित जानकारी शामिल है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर गलत जानकारी प्रसारित करने के पीछे क्या उद्देश्य था। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
चैनल ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, Living India ने अपनी वेबसाइट पर दावा किया है कि उसके कर्मचारियों की गिरफ्तारी हरियाणा में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जुड़ी है। चैनल का कहना है कि वह नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चला रहा है।
चैनल ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पत्रकार जनहित में सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है। हालांकि, यह चैनल का अपना पक्ष है, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी के पीछे कथित फर्जी स्टिंग और ब्लैकमेलिंग से जुड़े आरोप बताए हैं।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब ने गिरफ्तारी की निंदा की
Living India के पत्रकारों की गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने के मामले पर चंडीगढ़ प्रेस क्लब ने भी आपत्ति जताई है। क्लब ने कहा कि अधिकारियों को पत्रकारों की गिरफ्तारी या हिरासत के स्पष्ट कारण बताने चाहिए और उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रेस क्लब ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल इस तरह नहीं करना चाहिए, जिससे पत्रकारों में डर पैदा हो या प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित हो। क्लब ने पत्रकारों के अधिकारों और स्वतंत्र पत्रकारिता की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी की गिरफ्तारी की निंदा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की है। इस मामले में चैनल के पक्ष, पुलिस के आरोपों और पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर विवाद सामने आया है।
पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है, जबकि चैनल ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
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