केतन अग्रवाल हत्याकांड: मां ने दोषियों को कड़ी सजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है। मृतक केतन अग्रवाल की मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखकर अपने बेटे के लिए न्याय की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई विशेष मांग नहीं है, बल्कि केवल यही इच्छा है कि मामले के दोषियों को कानून के अनुसार कठोर से कठोर सजा मिले और मुकदमे की सुनवाई बिना किसी अनावश्यक देरी के आगे बढ़ाई जाए। अपने पत्र में राखी अग्रवाल ने लिखा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय मांगने हेतु देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि बेटे की मौत का सदमा परिवार अभी संभाल भी नहीं पाया था कि केवल 20 दिनों के भीतर उनके ससुर, जो केतन के दादा थे, का भी निधन हो गया। इस तरह तीन सप्ताह के भीतर परिवार ने दो पीढ़ियों को खो दिया, जिससे पूरा परिवार गहरे शोक में है। राखी अग्रवाल ने अपने पत्र में अपने भावनात्मक संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि घर का हर कोना उन्हें केतन की याद दिलाता है—उसका कमरा, उसके कपड़े और उसकी तस्वीरें। उन्होंने लिखा कि वह हर रात बेटे की तस्वीर देखकर कहती हैं, “बेटा, मां आज भी तुम्हारे लिए लड़ रही है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन वह अपने बेटे की आत्मा से कह सकेंगी कि उसे न्याय मिल गया। इससे पहले केतन के पिता विशाल अग्रवाल भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग की थी। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, 18 जून को महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले में 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ किले पर गया था, जहां आरोप है कि सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया। केतन और सिया की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी और दोनों की शादी नवंबर में निर्धारित थी। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच मोबाइल चैट, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। मृतक की मां ने अपील की है कि इस मामले को केवल एक औपचारिक कानूनी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे प्राथमिकता देकर शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा मिल सके।
Leave a Reply