बाघापुराना पंचायत समिति चुनाव पर हाईकोर्ट के सख्त निर्देश, गुप्त मतदान अनिवार्य

बाघापुराना पंचायत समिति चुनाव पर हाईकोर्ट के सख्त निर्देश, गुप्त मतदान अनिवार्य

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बाघापुराना पंचायत समिति के चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के चुनाव को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया गुप्त बैलेट के माध्यम से करवाई जाएगी और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य होगी। इसके अलावा, चुनाव कोर्ट द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर की निगरानी में संपन्न होंगे। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस परमोध गोयल की खंडपीठ ने मतदान के लिए 28 मार्च सुबह 10 बजे का समय निर्धारित किया है। मतदान मोगा के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में कराया जाएगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप होगी। अदालत ने राज्य सरकार के उस पक्ष को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें कहा गया था कि “तरनजीत सिंह और अन्य बनाम पंजाब राज्य” मामले में 13 मार्च को जारी किए गए निर्देश इस चुनाव पर भी लागू होंगे। दोनों पक्षों के बीच सहमति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने मौजूदा याचिका का निपटारा भी उसी आधार पर किया। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी का खर्च याचिकाकर्ता वहन करेगा और किसी भी सदस्य को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने से नहीं रोका जाएगा। यदि कोई सदस्य पुलिस या न्यायिक हिरासत में है, तो उसे भी मतदान करने की अनुमति दी जाएगी और मतदान के बाद उसे वापस हिरासत में भेज दिया जाएगा। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए चुनाव डिप्टी कमिश्नर की उपस्थिति में कराए जाएंगे और केवल पात्र सदस्यों को ही मतदान स्थल में प्रवेश की अनुमति होगी। चुनाव में हो रही देरी को देखते हुए अदालत ने एडवोकेट जपुजी कौर सिद्धू को कोर्ट ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। यह आदेश इंद्रजीत सिंह और अन्य द्वारा पंजाब राज्य के खिलाफ दायर याचिका पर दिया गया, जिसमें स्वतंत्र, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक चुनाव कराने की मांग की गई थी।