मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत ने बढ़ाया LPG आयात, मंगलुरु बंदरगाह पर पहुंचा जहाज
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
देश में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत अमेरिका से एलपीजी लेकर एक कार्गो जहाज भारत पहुंचा है। यह जहाज अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर आया है और इसका आगमन ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण वहां से एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों पर कोई असर न पड़े। न्यू मंगलुरु बंदरगाह पर ‘पाइक्सिस पायनियर’ नामक कार्गो जहाज के पहुंचने को देश की एलपीजी सप्लाई व्यवस्था के लिए अहम कदम माना जा रहा है। जहाज के सुरक्षित रूप से डॉक होने के बाद अब एलपीजी को उतारने और आगे वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का फोकस इस बात पर है कि देश में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति समय पर बनी रहे और किसी भी प्रकार की कमी न हो। भारत में एलपीजी की मांग लगातार बनी हुई है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सप्लाई रूट्स के जरिए आयात को मजबूत करना रणनीति का अहम हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों और उसके बाद की जवाबी कार्रवाइयों से शुरू हुए युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति होरमुज जलडमरूमध्य के जरिए होती है। वर्तमान हालात में यह मार्ग काफी जोखिम भरा हो गया है, जिससे सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार एलपीजी आयात के नए विकल्प तलाश रही है और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वैकल्पिक आपूर्ति देश की ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
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