क्यूबा पर अमेरिकी दबाव के बीच बातचीत तेज, कौन तय करेगा देश का भविष्य?
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान और वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा अगला लक्ष्य हो सकता है। हालांकि बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिका और क्यूबा के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है। अमेरिका द्वारा क्यूबा की तेल आपूर्ति पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वहां की कम्युनिस्ट सरकार पर समझौते का दबाव बढ़ गया है। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कानेल ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिका के साथ समानता और सम्मान के आधार पर बातचीत चाहते हैं। वहीं, ट्रंप ने कई बार यह संकेत दिया है कि वह क्यूबा के साथ कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन किसी संभावित समझौते की तलाश में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि डियाज़-कानेल पद छोड़ दें। इसके बदले क्यूबा पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने और कास्त्रो परिवार के खिलाफ कार्रवाई न करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में कई ऐसे प्रमुख खिलाड़ी हैं, जिनकी भूमिका क्यूबा के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल के हफ्तों में क्यूबा को लेकर कई कड़े बयान दिए हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि वह क्यूबा पर कब्जा करना चाहते हैं। हालांकि अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल क्यूबा पर हमले की कोई तैयारी नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका क्यूबा में वैसी ही रणनीति अपनाना चाहता है जैसी उसने वेनेजुएला में अपनाई थी। मार्को रूबियो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो क्यूबा के साथ वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। क्यूबन मूल के होने के कारण उनका इस मुद्दे से गहरा जुड़ाव है। माना जा रहा है कि 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में भी उनकी दावेदारी हो सकती है। हालांकि यदि किसी समझौते में क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में बनी रहती है, तो अमेरिका में बसे क्यूबाई मूल के लोग इसका विरोध कर सकते हैं। राउल कास्त्रो 94 वर्षीय राउल कास्त्रो क्यूबा की राजनीति में अब भी सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल हैं। भले ही उन्होंने आधिकारिक पद छोड़ दिए हों, लेकिन पार्टी और सरकार पर उनका प्रभाव बरकरार है। अमेरिका के साथ बातचीत का निर्णय भी उनकी सहमति से लिया गया बताया जा रहा है। मिगुएल डियाज़-कानेल डियाज़-कानेल क्यूबा के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो कास्त्रो परिवार से नहीं हैं। उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिका की नीतियों में बदलाव, कोरोना महामारी और आर्थिक संकट ने स्थिति को और जटिल बना दिया। 2021 में देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने के बाद उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। राउल गुइलेर्मो रोड्रिगेज कास्त्रो राउल कास्त्रो के करीबी माने जाने वाले 41 वर्षीय राउल गुइलेर्मो रोड्रिगेज कास्त्रो को संभावित बातचीत में अहम भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अमेरिकी अधिकारियों के साथ गुप्त संपर्क में रहे हैं। मैनुअल मारीरो क्यूबा के प्रधानमंत्री मैनुअल मारीरो को देश के संभावित भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय तक पर्यटन मंत्री रहने के बाद उन्हें शीर्ष नेतृत्व में शामिल किया गया है। ऑस्कर पेरेज़-ओलिवा फ्रागा तेजी से उभरते नेता ऑस्कर पेरेज़-ओलिवा फ्रागा कास्त्रो परिवार से जुड़े होने के कारण खास महत्व रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्यूबा में सत्ता परिवर्तन होता है, तो वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कुल मिलाकर, अमेरिका और क्यूबा के बीच जारी बातचीत के परिणाम पर इन सभी नेताओं की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है। मौजूदा हालात में क्यूबा का राजनीतिक और आर्थिक भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
Posted By: Daily Suraj Bureau