Daily Suraj

हिन्दी

मण्डियों में साफ़-सफ़ाई, बिजली और पानी के प्रबंधों पर विशेष ध्यान

31 Mar, 2026 08:53 AM

पंजाब में क़णक की सरकारी ख़रीद 1 अप्रैल से शुरू होगी। इसको देखते हुए आज राज्य सरकार ने ख़रीद प्रबंधों की तैयारियों को अंतिम छौं दी। यह क़णक का आख़िरी ख़रीद सीज़न है जो 'आप' सरकार के कार्यकाल में हो रहा है। सरकार ने क़णक ख़रीद के लिए 122 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि विभाग ने 132 लाख मीट्रिक टन क़णक ख़रीदने के प्रबंध किए हैं। प्रदेश में इस हेतु 1,897 ख़रीद केंद्र स्थापित किए गए हैं और 266 अतिरिक्त आवेदन केंद्र बनाए जाने की सिफ़ारिश की गई है। अप्रैल माह के लिए सरकार को 30,973 करोड़ रुपये का नकद कर्ज़ा हद (CCL) मिल चुका है। प्रदेश में क़णक भंडारण की गंभीर समस्या के मद्देनज़र, सरकार ने केंद्रों को लगभग 22 लाख मीट्रिक टन क़णक मंडियों से सीधे उठाने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने अब तक पिछले साल भंडारित क़णक का भुगतान नहीं किया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर मंडियों से फसल की सीधी उठाई नहीं हुई, तो कानूनी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। बीते कुछ दिनों में कई जिलों में बारिश के कारण क़णक की फसल प्रभावित हुई है और नमी के कारण वाढ़ी में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामलों के लिए मंत्री लाल चंद कटारूचक ने आज ख़रीद प्रबंधों का जायज़ा लिया। उन्होंने ज़िला खाद्य सप्लाई कंट्रोलरों को मंडियों में बाहरी राज्यों से क़णक की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। कटारूचक ने अधिकारियों को हर मंडी में साफ़-सफ़ाई, बिजली और पीने के साफ़ पानी के प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश दिए। मंडियों में बोरियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी निरीक्षकों को सौंपी गई है। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को मंडियों में तिरपाल, लकड़ी के क्रेट और अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेट्रोल, डीज़ल और LPG आपूर्ति के मुद्दों पर भरोसा देते हुए कहा कि विभाग इन वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए तेल मार्केटिंग कंपनियों के साथ समन्वय बना रहा है। इस अवसर पर मुख्य सचिव राहुल तिवाड़ी, निदेशक वरींदर कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर और अजयवीर सिंह सराओ मौजूद रहे।

Posted By: Daily Suraj Bureau

Latest News