हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
पंजाब सरकार ने पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए 11 नए कल्याण बोर्ड स्थापित किए हैं। यह जानकारी मलकीत सिंह थिंद ने पंजाब भवन में आयोजित बैठक के दौरान दी। इस बैठक में नवगठित बोर्डों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछड़े वर्गों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के सहयोग से पहले ही कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं और अब नए बोर्डों की स्थापना से इन प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान बैकफिंको के अधिकारियों ने बताया कि पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वरोजगार के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत किराना दुकान, डेयरी फार्मिंग जैसी गतिविधियों के लिए 18 से 55 वर्ष आयु के पंजाब निवासी पात्र हैं। इसके अलावा, NBCFDC के सहयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण भी प्रदान किया जा रहा है। आशीर्वाद योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान 89 करोड़ रुपये जारी कर 17,533 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। इसी तरह, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम फॉर ओबीसी के तहत 12.59 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और एनएसपी पोर्टल के माध्यम से 10,092 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। इसके अतिरिक्त, Punjabi University Patiala में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं, जिनके लिए जल्द ही फंड मिलने की संभावना है। साथ ही, सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। चेयरमैन मलकीत सिंह थिंद ने बोर्ड सदस्यों को निर्देश दिए कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई आती है, तो उसे तुरंत संबंधित जिला अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में विभिन्न कल्याण बोर्डों के चेयरमैन और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें कम्बोज, मुस्लिम, सैनी, वैरागी, गुज्जर, स्वर्णकार, सैण समाज, मसीह, रामगढ़िया और कनौजिया कल्याण बोर्डों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके अलावा सामाजिक न्याय विभाग के नोडल अधिकारी और बैकफिंको के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
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