पंजाब: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के आवास का घेराव, 3 घंटे ठप रहा आवागमन
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
विभिन्न आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने के वादे पूरे न होने और अदालती वारंट जारी होने से नाराज किसानों व मजदूरों ने भारतीय किसान यूनियन (एकता-उग्राहां) और पंजाब खेत मजदूर यूनियन के आह्वान पर कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के आवास का घेराव किया। लंबी हलके के गांव खुड्डियां में हुए इस प्रदर्शन के कारण मंत्री के घर की ओर जाने वाला मार्ग लगभग तीन घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। प्रदर्शन के दौरान हुई जनसभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर किसानों को आपस में लड़ाने की साजिशों को खारिज किया। इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि देश के हर राज्य को उसके हक का पूरा पानी दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, जल स्रोतों को प्रदूषित करने वाले उद्योगपतियों के खिलाफ सख्त सजा की जगह महज जुर्माना लगाने के कानूनी प्रावधानों को जन-विरोधी करार दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने लैंड पूलिंग नीति और ड्रोन सर्वे जैसे मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों का विरोध किया। किसान नेताओं ने मांग की कि राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर लंबे समय से जमीनों पर काबिज आबादकारों, किसानों और मजदूरों को मालिकाना हक दे। साथ ही, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए वास्तविक काश्तकारों को मुआवजा देने और बजट में इसके लिए विशेष प्रावधान करने की मांग भी रखी गई। इस घेराव का नेतृत्व उग्राहां संगठन के प्रदेश सचिव शिंगारा सिंह मान और पंजाब खेत मजदूर यूनियन के नेता लछमण सिंह सेवेवाला ने किया। इस दौरान हरजिंदर सिंह बग्गी, मलकीत सिंह गग्गड़, निशान कखावाली, मनोहर सिखवाला, काला सिंह खूनण, मालण कौर कोठागुरु और करमजीत कौर जिउंद समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी अपने विचार रखे। नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री द्वारा किसान संगठनों के साथ बैठकों में मानी गई मांगों, जैसे कि दर्ज पर्चे वापस लेना और कृषि नीति लागू करना, को अब तक अमल में नहीं लाया गया है। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए अनुबंध (ठेका) प्रथा को समाप्त कर स्थायी भर्ती नीति लागू करने, बकाया डीए (DA) जारी करने और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की मांग भी की गई। इसी बीच, बीकेयू (उग्राहां) के प्रदेश सचिव शिंगारा सिंह मान ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और इसी कड़ी में 13 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ और केवल सिंह ढिल्लों के आवासों का भी घेराव किया जाएगा।
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