कनाडा में भटकती गोली बनी काल: घर में बैठे 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, देश में बंदूक हिंसा पर उठे गंभीर सवाल

कनाडा में भटकती गोली बनी काल: घर में बैठे 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, देश में बंदूक हिंसा पर उठे गंभीर सवाल

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित बर्नबी शहर में अपने ही घर के भीतर मौजूद 85 वर्षीय बुजुर्ग चांग योंग चो (Chang Yong Cho) की भटकती गोली (Stray Bullet) लगने से मौत हो गई। इस दुखद घटना ने कनाडा में पिछले 30 वर्षों के दौरान अवांछित गोलीबारी की चपेट में आए बेकसूर लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह घटना 30 अगस्त की देर रात करीब 1:30 बजे घटी, जब लगभग एक ब्लॉक दूर चलाई गई एक गोली चांग योंग चो के घर में आकर लगी। पुलिस जांच दल ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में समुदाय के कुछ स्थानीय लोगों और युवाओं के पास अहम जानकारी हो सकती है। पुलिस ने युवाओं के एक संदिग्ध समूह से अपील की है कि वे नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए खुद आगे आएं और जांच में सहयोग करें। कनाडा में भटकती गोलियों से बेकसूर लोगों के मारे जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में देश भर में कम से कम 9 लोग स्ट्रे बुलेट की चपेट में आए हैं, जबकि 1990 के दशक से अब तक 30 से अधिक लोग ऐसी घटनाओं का शिकार हुए हैं, जिनमें से कम से कम 16 लोगों की जान जा चुकी है। इन पीड़ितों में घरों में सो रहे बच्चों से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद नागरिक और छात्र शामिल हैं। इससे पूर्व वर्ष 2018 में वैंकूवर के व्यस्त ब्रॉडवे मार्ग पर गैंगवार के दौरान कार में अपने परिवार के साथ जा रहे 15 वर्षीय अल्फ्रेड वोंग की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में दोषी केन कार्टर को जुलाई में दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अन्य प्रमुख मामलों में पिछले वर्ष अगस्त में टोरंटो में अपने बिस्तर पर सो रहे 8 वर्षीय जहवई रॉय, अप्रैल 2025 में हैमिल्टन में बस का इंतजार कर रही 21 वर्षीय भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा और 2020 में टोरंटो में कार से हुई गोलीबारी में मारे गए 12 वर्षीय डांटे एंड्रियाटा मारोक्विन की मौत शामिल है। इसके अलावा, वर्ष 2011 में एडमॉन्टन के दक्षिण में सैमसन क्री रिजर्व में सोते समय 5 वर्षीय ईथन येलोबर्ड और 2007 में टोरंटो में एक बर्थडे पार्टी के बाहर 11 वर्षीय एफ्रैम ब्राउन की गर्दन में गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, वर्ष 2005 में पोर्ट मूडी स्थित अपने घर में टीवी देख रही लॉरी टिंगा सिर में गोली लगने के बावजूद जीवित बच गई थीं। पुलिस इन अधिकांश मामलों को आपराधिक गिरोहों की आपसी रंजिश और अवैध हथियारों का नतीजा मान रही है।