पंजाब सरकार पर सवाल: ईडी ने डीजीपी को 61 मामलों को लेकर लिखा पत्र
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को हाल ही में भेजे गए एक पत्र ने राज्य में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक हस्तक्षेप से जुड़े मामलों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पत्र में 61 मामलों का उल्लेख किया गया है। इनमें प्रशासनिक फैसलों में कथित दखल, सरकारी अधिकारियों के तबादले और तैनाती, हथियार लाइसेंस, जमीन सौदों के अलावा सरकारी कामों के बदले कथित भुगतान और अन्य लाभ हासिल करने से जुड़े मामले शामिल हैं। ईडी के इस पत्र में पंजाब सरकार से जुड़े 23 अधिकारियों और पांच निजी बिचौलियों का उल्लेख किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस को भेजे गए ईडी के इस पत्र पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पत्र में बिचौलियों के माध्यम से किए गए 21 तबादलों की ओर भी संकेत किया गया है। इन तबादलों को कथित तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ राजनीतिक अधिकारी और उनके करीबी सहयोगी से जोड़कर देखा जा रहा है। नितिन गोहल पहले से ही सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी जांच के मामले में ईडी की निगरानी में हैं। वह उस समय भी चर्चा में आए थे, जब मई में ईडी की छापेमारी के दौरान एक बहुमंजिला फ्लैट से नकदी से भरे बैग ऊपर से नीचे फेंके गए थे। पत्र में 21 अधिकारियों और पांच बिचौलियों के नाम शामिल होने की बात कही गई है। दावा किया गया है कि तबादलों की अंतिम सूची जारी होने से पहले उसे इन बिचौलियों के माध्यम से भेजा जाता था। पत्र में तबादलों की प्रक्रिया में इन बिचौलियों की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। 89.55 लाख रुपये के लेन-देन का भी जिक्र ईडी के पत्र में 11 ऐसे मामलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें कुल 89.55 लाख रुपये के लेन-देन की बात कही गई है। बताया गया है कि ये लेन-देन हवाला के माध्यम से किए गए लेन-देन से अलग हैं। इन मामलों में अनाज की परिवहन नीति, फोर्टिफाइड राइस के निर्माताओं की सूचीबद्धता, वेरका के लिए एसएपी लाइसेंस रखने और कारोबारों के लाइसेंस के नवीनीकरण से जुड़े मामले शामिल हैं। ईडी के पत्र में सात ऐसे मामलों की ओर भी इशारा किया गया है, जिनमें गोहल की कथित तौर पर जमीन सौदों और रियल एस्टेट डेवलपर्स से जुड़े कार्यों में भूमिका बताई गई है। इसके अलावा सात हथियार लाइसेंस से जुड़े मामलों का भी उल्लेख है। ईडी ने गोपनीय सरकारी जानकारी तक कथित तौर पर अनधिकृत पहुंच बनाए जाने के आरोप भी लगाए हैं। नितिन गोहल ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश दूसरी ओर, नितिन गोहल ने पूरे मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। उनका कहना है कि चुनाव नजदीक आने के कारण आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक बड़ी साजिश के तहत उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। गोहल के अनुसार, राज्य की बेहतरी के लिए किसी मित्र को सलाह देना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह दो व्यक्तियों के बीच हुई निजी बातचीत थी और इसे सरकारी नीति को प्रभावित करने का प्रयास कैसे माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनाती होने के कारण उनके भाई जितिन का नाम मामले में शामिल किया गया है। गोहल ने फ्लैटों से नकदी फेंके जाने की घटना सहित भ्रष्टाचार और अन्य गलत कामों से जुड़े आरोपों से इनकार किया है।
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