कमजोर हुआ रुपया, तेल कीमतों और मजबूत डॉलर का असर
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण शुक्रवार को भारतीय रुपया भारी दबाव में रहा और 74 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले 94.70 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। फॉरेक्स बाजार के जानकारों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा पूंजी निकासी ने भी रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इससे स्थानीय मुद्रा की स्थिति और कमजोर हुई है। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.18 पर खुला और कारोबार के दौरान लगातार गिरावट दर्ज करते हुए 94.50 के स्तर को पार कर गया। इससे पहले बुधवार को रुपया 20 पैसे की गिरावट के साथ 93.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। गुरुवार को रामनवमी के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहा था। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि तेल कंपनियों की लगातार डॉलर खरीद और आयातकों की मांग के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। वहीं निर्यातक अपनी कमाई को रोक कर रख रहे हैं, जिससे बाजार में डॉलर की उपलब्धता कम हो रही है। वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। कारोबार के दौरान यह 0.53 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 107.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दूसरी ओर, घरेलू शेयर बाजार में भी शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक बीएसई सेंसेक्स करीब 1,190.76 अंक गिरकर 74,082.69 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 352 अंक टूटकर 22,954.20 पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ा है।
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