खुफिया तंत्र की बड़ी सफलता: बडगाम में लश्कर का शीर्ष आतंकवादी ढेर, समुद्र से 3,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ बरामद
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सटीक और पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर इस सप्ताह दो बड़े ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इन कार्रवाइयों के तहत जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैविआत के एक शीर्ष आतंकवादी को मार गिराया गया, जबकि लक्षद्वीप के पास समुद्र में चलाए गए एक अन्य अभियान में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप जब्त की गई। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ये सफलताएं देश के लगातार उन्नत हो रहे खुफिया ग्रिड और उसकी रणनीतिक क्षमता को दर्शाती हैं। मंगलवार रात को मिली एक कार्रवाई योग्य खुफिया सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना की 15 चिनार कोर ने जम्मू-कश्मीर के बडगाम में एक विशेष अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा अली आसिफ फौजी मारा गया। वहीं दूसरी ओर, 25 सितंबर को भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और गुजरात एटीएस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए लक्षद्वीप के निकट पांच पाकिस्तानी नागरिकों से भरी एक ईरानी नाव (डाउ) को रोका। इस दौरान 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन जब्त की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 3,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत भारत ने उभरते खतरों से निपटने के लिए ‘इंटेलिजेंस-फर्स्ट’ (खुफिया-पहले) मॉडल को अपनाया है। इस आधुनिक व्यवस्था के तहत जमीनी खुफिया जानकारी (HUMINT) और तकनीकी खुफिया जानकारी (TECHINT) को आपस में जोड़ा गया है। मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) और सैन्य नेटवर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य के खतरों और जोखिमों का समय रहते अनुमान लगाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हालांकि आधुनिक तकनीक बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन जमीनी स्तर की खुफिया जानकारी का विकल्प नहीं हो सकता। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में आज भी जमीनी इनपुट सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, प्रोपेगैंडा वॉर, ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल, अवैध घुसपैठ और ड्रग्स तस्करी जैसी बहुआयामी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां 2047 के दूरगामी लक्ष्यों को ध्यान में रखकर अपने तंत्र को और अधिक मजबूत कर रही हैं। हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों (NSS) सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एजेंसियों को एआई-आधारित विश्लेषण के जरिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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