केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान की पंजाब पर मेहरबानी, मंजूर हुए 100 करोड़ रुपए के फंड

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान की पंजाब पर मेहरबानी, मंजूर हुए 100 करोड़ रुपए के फंड

दिल्ली में 28 और 29 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के बीच बेहतरीन तालमेल और प्रगाढ़ संबंध देखने को मिले हैं। केंद्र और पंजाब सरकार के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के बावजूद, केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने पंजाब के कृषि मंत्री के विशेष आग्रह को स्वीकार करते हुए राज्य के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी दे दी है। सम्मेलन के दौरान पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कृषि उन्नति योजना और गेहूं के बीजों पर सब्सिडी जारी करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान के समक्ष जोरदार मांग रखी थी। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए केवल तिलहनों पर ही आत्मनिर्भर योजना के तहत राशि दी जा रही है, जिसके चलते इस बार गेहूं के बीज पर पंजाब को सब्सिडी नहीं मिली थी। लेकिन, खुड्डियां के विशेष अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने 28 सितंबर को ही मौके पर गेहूं के बीज के लिए 50 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी। खास बात यह है कि देश के किसी अन्य राज्य को इस बार गेहूं के बीज पर सब्सिडी की राशि जारी नहीं की गई है। इस मंजूरी के साथ ही पंजाब में ढाई लाख क्विंटल प्रमाणित गेहूं के बीजों का वितरण सब्सिडी पर किया जा सकेगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने कृषि उन्नति योजना की रुकी हुई दूसरी किस्त के रूप में 43.12 करोड़ रुपए और कुछ अन्य छुटपुट कार्यों के लिए भी राशि स्वीकृत कर दी है, जिससे पंजाब के लिए कुल मिलाकर करीब 100 करोड़ रुपए के केंद्रीय फंड मंजूर हो गए हैं। राजनीतिक हलकों में शिवराज चौहान और गुरमीत सिंह खुड्डियां के इन दोस्ताना रिश्तों और मेल-जोल को आगामी समय और राजनीतिक परिदृश्य के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां का कहना है कि उन्होंने राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान पंजाब की किसानी के भले के लिए केंद्रीय मंत्री चौहान के आगे यह मांग रखी थी, जिसे केंद्र ने स्वीकार कर लिया और इसके लिए वे शिवराज चौहान का धन्यवाद करते हैं। हालांकि, इसके विपरीत पंजाब सरकार का यह शिकवा भी बरकरार है कि ग्रामीण विकास फंडों के बकाए देने के मामले में केंद्र सरकार राज्य को कोई राहत नहीं दे रही है। पंजाब सरकार का यह भी आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंजाब के लिए घोषित बाढ़ राहत पैकेज की राशि भी अभी तक जारी नहीं की गई है। इस राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान पंजाब की तरफ से कृषि विभाग के डायरेक्टर गुरजीत सिंह बराड़ ने राज्य की तत्काल जरूरतों और प्राथमिकताओं का खाका पेश किया था। इस दौरान पंजाब सरकार द्वारा किसानी के लिए किए जा रहे कार्यों जैसे कि मुफ्त बिजली की सुविधा, नरमी के बीज पर 33 प्रतिशत सब्सिडी, गन्ने का देश में सबसे अधिक 416 रुपए प्रति क्विंटल भाव और पराली के प्रबंधन के लिए उठाए जा रहे कदमों को प्रमुखता से उभारा गया।