सिंधु का पानी रोकने को 'युद्ध का ऐलान' मानेगा पाकिस्तान: UNGA में शहबाज शरीफ ने भारत को दी गीदड़ भभकी

सिंधु का पानी रोकने को 'युद्ध का ऐलान' मानेगा पाकिस्तान: UNGA में शहबाज शरीफ ने भारत को दी गीदड़ भभकी

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और सिंधु जल संधि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अपने संबोधन के दौरान शहबाज शरीफ ने भारत को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने, घटाने या उसका रुख मोड़ने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान 'युद्ध की कार्रवाई' (Act of War) के रूप में देखेगा। उन्होंने कहा कि नदियों का मुख्य कार्य देशों को पानी मुहैया कराना है और पानी को हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कश्मीर को बताया 'जगलर वेन', कहा- स्थायी शांति के लिए समाधान जरूरी अपने लगभग 23 मिनट के भाषण में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा। शहबाज शरीफ ने कश्मीर को पाकिस्तान की 'जगलर वेन' (मुख्य नस) करार देते हुए दावा किया कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति की बहाली के लिए कश्मीर मुद्दे का 'न्यायसंगत और उचित' समाधान निकाला जाना बेहद आवश्यक है। सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले को बताया आधारहीन शहबाज शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रोके रखने के फैसले को कानूनी आधार से रहित बताया। उन्होंने दावा किया कि इस संधि की स्थिति पर पाकिस्तान के रुख को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और 'कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' की कार्यवाही से समर्थन मिला है। इसके अलावा उन्होंने अपने संबोधन में 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों का भी उल्लेख किया। दूसरी ओर, भारत ने हमेशा की तरह कश्मीर और सीमा पार से जुड़े पाकिस्तान के ऐसे सभी झूठे दावों और तर्कों को सिरे से खारिज किया है।