कनाडा में नस्लवाद और गलत जानकारी बने सिख विरोधी भावना के प्रमुख कारण
- अंतरराष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
कनाडा में रह रहे सिख समुदाय को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 65 प्रतिशत सिख-कनाडाई लोगों ने नफरत और भेदभाव का सामना करने की बात कही है। यह खुलासा World Sikh Organization द्वारा जारी 78 पन्नों की रिपोर्ट ‘कनाडा में सिख विरोधी नफरत को समझना और उसका समाधान’ में किया गया है। इस रिपोर्ट ने देश में बढ़ते नस्लीय भेदभाव की स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च 2025 के बीच 1,600 से अधिक सिख-कनाडाई लोगों पर किए गए सर्वेक्षण में 80 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि पिछले पांच वर्षों में सिखों के खिलाफ नफरत और भेदभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं, 65 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर मौखिक रूप से परेशान किया गया। इस अध्ययन को Canadian Race Relations Foundation का वित्तीय सहयोग प्राप्त था। रिपोर्ट में नस्लवाद, विदेशियों के प्रति डर (ज़ेनोफोबिया) और भारत से जुड़ी गलत जानकारी को सिख विरोधी भावनाओं के प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया गया है। रिपोर्ट में सिख विरोधी नफरत को ऐसे पूर्वाग्रह के रूप में परिभाषित किया गया है, जो किसी व्यक्ति की सिख पहचान, बाहरी स्वरूप, धार्मिक विश्वास या उनके विचारों के कारण उत्पन्न होता है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सरी स्थित Simon Fraser University के इंजीनियरिंग भवन में आज शाम 6 से 8 बजे के बीच एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। इसमें Baltej Singh Dhillon, Sonia Kaur Ojla-Bhullar और Gurbaz Singh Multani जैसे वक्ता अपने विचार रखेंगे। WSO के अनुसार, यह रिपोर्ट कनाडा में सिखों के साथ हो रहे भेदभाव के अनुभवों को दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करने की पहली व्यापक कोशिश है। इसमें सर्वेक्षण के आंकड़ों के साथ-साथ सामुदायिक टाउन हॉल से प्राप्त जानकारी को भी शामिल किया गया है।
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