UPI के नए शुल्क ढांचे से पेमेंट कंपनियों को हो सकती है अतिरिक्त कमाई

UPI के नए शुल्क ढांचे से पेमेंट कंपनियों को हो सकती है अतिरिक्त कमाई

UPI भुगतान प्रणाली में 15 अक्टूबर 2026 से नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने जा रहा है। नए नियम के तहत ₹2,000 से अधिक के Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा। यह शुल्क व्यापारियों को देना होगा, जबकि आम ग्राहकों के लिए UPI भुगतान मुफ्त रहेगा। ब्रोकरेज फर्म Bernstein के अनुमान के मुताबिक, मार्च 2028 तक इस नए शुल्क ढांचे से पेमेंट ऐप्स को सालाना करीब 1.1 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय हो सकती है। मौजूदा UPI बाजार हिस्सेदारी के आधार पर PhonePe और Google Pay को मिलकर करीब 900 मिलियन डॉलर का हिस्सा मिलने का अनुमान है। UPI बाजार में PhonePe और Google Pay की बड़ी हिस्सेदारी है। Reuters के अनुसार, दोनों प्लेटफॉर्म मिलकर UPI के कुल लेनदेन मूल्य का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। नई MDR आय से पेमेंट कंपनियों के पास तकनीक, नए ग्राहकों और छोटे शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार के लिए निवेश की गुंजाइश बढ़ सकती है। नए नियम के तहत ₹2,000 तक के मर्चेंट UPI लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांसफर किसी भी राशि के लिए मुफ्त रहेगा। सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत P2M लेनदेन नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे। वहीं, ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है। सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि MDR का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डाला जाए। नए शुल्क ढांचे को लेकर व्यापारियों और डिजिटल पेमेंट उद्योग में चर्चा जारी है। सरकार का कहना है कि नए शुल्क ढांचे से UPI प्रणाली की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।