फार्मेसी ऑफिसर पेपर मामले में बड़ा अपडेट, 26 छात्रों को तुरंत जमानत पर किया गया रिहा

फार्मेसी ऑफिसर पेपर मामले में बड़ा अपडेट, 26 छात्रों को तुरंत जमानत पर किया गया रिहा

बाबा फरीद यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में कथित तौर पर अंतरराज्यीय गिरोह के जरिए नकल करवाने के मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 26 विद्यार्थियों को अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इन विद्यार्थियों को फरीदकोट और फिरोजपुर पुलिस ने नकल के आरोप में गिरफ्तार किया था। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि यह मामला बेहद गंभीर है और आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने कहा कि केवल मामले की गंभीरता का हवाला देकर युवाओं को जेल में नहीं रखा जा सकता। इसके बाद अदालत ने सभी 26 विद्यार्थियों को तत्काल जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। वहीं, विद्यार्थियों की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस ने इन छात्रों पर कथित गिरोह में शामिल होने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने पूरी तरह गलत बताया। बचाव पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया। बताया गया है कि परीक्षा के दिन कुछ विद्यार्थियों के पास से परीक्षा केंद्रों के अंदर डिवाइस बरामद हुए थे। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद कुछ लोग फार्मेसी ऑफिसर के पेपर में कथित तौर पर नकल करवा रहे थे। पुलिस ने दावा किया था कि इस कथित नकल नेटवर्क में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से जुड़े लोग शामिल थे। हालांकि, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन, नौजवान भारत सभा और अन्य छात्र संगठनों ने नकल के आरोपों से अलग दावा करते हुए कहा था कि परीक्षा में नकल नहीं हुई, बल्कि पेपर लीक हुआ था। इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। विवाद सामने आने के बाद बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में नियुक्तियों की प्रभारी नीतू कक्कड़ को उनके पद से हटा दिया गया था। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी बदल दिया गया था। फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा को लेकर विवाद के बीच बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने अभी तक परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया है।