कनाडा की आव्रजन नीतियां देश को तबाही की ओर ले जाएंगी: डोनाल्ड ट्रंप

कनाडा की आव्रजन नीतियां देश को तबाही की ओर ले जाएंगी: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा की आव्रजन नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश हर साल लाखों लोगों को अपने यहां बुला रहा है और इस प्रक्रिया के चलते वह खुद को नुकसान पहुंचा रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि कनाडा ऐसे लोगों को पर्याप्त गहन जांच के बिना देश में प्रवेश दे रहा है, जो अपने साथ बड़ी समस्याएं लेकर आ सकते हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आने वाले समय में ये समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं तथा उन्हें संभालना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कनाडा में बेरोजगारी बढ़ने का भी दावा किया। ट्रंप की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि पिछले वर्षों में विदेशियों ने कनाडा की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2024 से आव्रजन नीतियों को सख्त किया है और देश में आने वाले विदेशियों की संख्या को काफी कम किया गया है। कनाडा सरकार के मौजूदा 2026-2028 आव्रजन स्तर योजना के तहत स्थायी निवासियों (Permanent Residents) के लिए हर साल 3.80 लाख का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, नए अस्थायी निवासियों के आगमन का लक्ष्य 2026 में 3.85 लाख तथा 2027 और 2028 में 3.70 लाख निर्धारित किया गया है। सरकार ने 2027 के अंत तक अस्थायी निवासियों की हिस्सेदारी कुल आबादी के 5 प्रतिशत से कम करने का लक्ष्य रखा है। अनीता आनंद ने कहा कि सरकार आव्रजन के स्तर को स्थिर करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आव्रजन नीति में आवास और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले दबाव को भी ध्यान में रखा जा रहा है और इस संबंध में कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं। कनाडा सरकार की योजना में देश में पहले से मौजूद ऐसे लोगों को प्राथमिकता देने पर भी जोर है, जिनके पास आवश्यक कौशल और अनुभव है। आधिकारिक योजना के अनुसार, आर्थिक श्रेणी को आव्रजन में प्रमुख स्थान दिया गया है। सरकार का कहना है कि वह लंबे समय के बजाय तीन साल की आव्रजन योजनाओं के जरिए नीतियों को लागू कर रही है, ताकि लक्ष्यों को अधिक प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके। अनीता आनंद ने ट्रंप के कनाडा में बेरोजगारी बढ़ने के दावे को भी खारिज किया। इस तरह कनाडा की आव्रजन नीति को लेकर ट्रंप और कनाडा सरकार के बीच मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं।